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‘किसी को नहीं बख्शेंगे’, NCERT विवाद पर SC का सख्त एक्शन, विवादित पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स भी रडार पर

SC ने NCERT विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है. कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक तैयार करने वाले तीन विशेषज्ञों पर बैन लगा दिया गया है. इतना ही नहीं न्यायपालिका के बारे में ‘गैर जिम्मेदाराना’ पोस्ट करने वाले हैंडल्स और व्यक्तियों की पहचान करने के आदेश दिए गए हैं.

NCERT विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का एक्शन
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सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका से जुड़े चैप्टर पर विवाद के बाद एनसीईआरटी के माफीनामे को स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही, केंद्र सरकार को एक डोमेन एक्सपर्ट कमेटी के गठन का निर्देश दिया. कोर्ट ने इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी न्यायपालिका के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले हैंडल्स और व्यक्तियों की पहचान करने के आदेश दिए हैं.

NCERT विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त एक्शन!

इतना ही नहींं न्यायालय ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को निर्देश दिया कि वे विवादित पाठ्यक्रम तैयार करने वाले तीन एक्सपर्ट्स मिशेल डैनिनो, शिक्षाविद सुपर्णा दिवाकर और कानूनी शोधकर्ता आलोक प्रसन्ना कुमार को स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने या 'सरकारी संस्थाओं' में कोई भी पद धारण करने पर बैन लगाएं. आपको बताएं की तीनों पर आरोप है कि  इन्हीं की निगरानी में न्यायपालिका पर कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक तैयार हुई.

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कोर्ट में सरकार ने क्या कहा?

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मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि सरकार सभी किताबों की समीक्षा करेगी. उन्होंने यह भी बताया कि बिना शर्त माफी मांगी गई है. सरकार ने एनसीईआरटी को सभी कक्षाओं की किताबों का रिव्यू करने का निर्देश दिया है.

SC ने दोबारा चैप्टर लिखने पर क्या कहा?

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कोर्ट ने दोबारा चैप्टर लिखे जाने पर भी आपत्ति जताई और निर्देश दिया कि दोबारा लिखा गया चैप्टर तब तक प्रकाशित नहीं किया जाएगा, जब तक डोमेन एक्सपर्ट कमेटी इसकी समीक्षा नहीं कर लेती. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "अगर एनसीईआरटी अगली पीढ़ी को न्यायपालिका के बारे में सिखाना चाहता है, तो हम निराश हैं कि कमेटी में एक भी ज्यूरिस्ट नहीं है. अगर चैप्टर को दोबारा लिखा भी जाता है, तो हम निर्देश देते हैं कि इसे तब तक पब्लिश नहीं किया जाएगा, जब तक एक्सपर्ट कमेटी इसे मंजूरी न दे दे."

पाठ्यपुस्तक तैयार करने के लिए डोमेन एक्सपर्ट कमेटी का गठन

इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को डोमेन एक्सपर्ट कमेटी के गठन का आदेश दिया. कमेटी में एक पूर्व जज, एक शिक्षाविद् और एक कानून के बड़े जानकार को रखा जाएगा. कोर्ट ने अगले एक हफ्ते में कमेटी के गठन का निर्देश दिया है.

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विवाद के घेरे में आए तीन प्रोफेसर नपे!

सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक अध्याय में उनकी भूमिका के बाद प्रोफेसर मिशेल डैनिनो, शिक्षक सुपर्णा दिवाकर और कानूनी शोधकर्ता आलोक प्रसन्ना कुमार को स्कूल पाठ्यक्रम तैयार करने में किसी भी भूमिका से बाहर करने का आदेश दिया. सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर वे आदेश में संशोधन चाहते हैं तो वे अदालत से संपर्क कर सकते हैं.

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इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से इस मुद्दे पर न्यायपालिका को बदनाम करने वाले सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों की पहचान करने व उनके खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा है. कोर्ट ने आगे कहा कि अदालत न्यायपालिका के बारे में ऑनलाइन अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों को नहीं बख्शेगी और न्यायिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.

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