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पीएम पर अभद्र पोस्ट करने वाले कार्टूनिस्ट को SC की फटकार, कहा- उम्र 50 साल से अधिक है, लेकिन रवैया…

प्रधानमंत्री पर अभद्र कार्टून बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले हेमंत मालवीय को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के बाद उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर 15 जुलाई, 2025 (मंगलवार) को विचार करने का निर्णय लिया.

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प्रधानमंत्री पर अभद्र कार्टून बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले हेमंत मालवीय ने विवादित पोस्ट हटाने की बात कही है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के बाद उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर 15 जुलाई, 2025 (मंगलवार) को विचार करने का निर्णय लिया.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सुधांशु धुलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने सुनवाई के दौरान हेमंत के व्यवहार को "अपरिपक्व और भड़काऊ" करार दिया. कोर्ट ने कहा कि चाहे वह कार्टूनिस्ट हों या कॉमेडियन, सभी को अपने आचरण और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए.
हेमंत मालवीय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने दलील दी कि मूल पोस्ट 2021 का है, जो कोविड वैक्सीन को लेकर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी. मई 2025 में एक फेसबुक यूजर ने उस पोस्ट को आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ दोबारा साझा किया, जिसे हेमंत ने शेयर कर दिया. इसी के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई.

‘अपने आचरण पर ध्यान देने की जरूरत’
जजों ने कहा कि कार्टूनिस्ट और कॉमेडियनों को भी अपने आचरण पर ध्यान देने की जरूरत है. इस मामले में याचिकाकर्ता की उम्र 50 साल से अधिक है, लेकिन उसका रवैया परिपक्व नहीं है. वृंदा ग्रोवर ने कहा कि वह सोशल मीडिया पोस्ट कठोर और अप्रिय लगने वाला था. कार्टूनिस्ट उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा देगा.

8 जुलाई को हुई थी अग्रिम जमानत याचिका खारिज
इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 8 जुलाई को हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने अपने आदेश में कहा था कि मालवीय ने प्रधानमंत्री, RSS कार्यकर्ताओं और भगवान शिव को लेकर की गई टिप्पणियों से न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है.

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‘पोस्ट हटाने से अपराध समाप्त नहीं हो जाता…’
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने सुप्रीम कोर्ट में मालवीय की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पोस्ट हटाने से अपराध समाप्त नहीं हो जाता. संक्षिप्त बहस के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी.

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गौरतलब है कि हेमंत मालवीय के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में RSS कार्यकर्ता और वकील विनय जोशी ने मई 2025 में एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप लगाया गया था कि मालवीय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री साझा कर न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की भी कोशिश की.

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