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गर्व से कहो हम स्वदेशी...राष्ट्र के नाम संबोधन में PM मोदी ने की GST रिफॉर्म पर बात, आत्मनिर्भरता का किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन के शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा, कल से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, देशवासियों को नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं. कल से जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो रहा है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन के शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा, कल से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, देशवासियों को नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं. कल से जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो रहा है. आत्मनिर्भर भारत के लिए ये बड़ा कदम. कल से आम लोगों की जिंदगी में बड़े बदलाव होंगे. आप अपनी पसंद की चीजों को और ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे हमारे देश के गरीब मध्यम वर्गीय लोग न्यू मिडिल क्लास युवा किसान महिलाएं दुकानदार व्यापारी उद्यमी सभी को यह बचत उत्सव का बहुत फायदा होगा.

बचत उत्सव की देशवासियों को बधाई 

देश के नाम संबोधन में पीएम ने कहा, जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स की और इस बचत उत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं. शुभकामनाएं देता हूं. यह रिफॉर्म भारत की ग्रोथ स्टोरी को एक्सीलरेट करेंगे. कारोबार को और आसान बनाएंगे निवेश को और आकर्षक बनाएंगे और हर राज्य को विकास की दौड़ में बराबरी का साथी बनेंगे. साथियों जब साल 2017 में भारत ने जीएसटी रिफॉर्म की तरफ कदम बढ़ाया था. एक पुराना इतिहास बदलने की और एक नया इतिहास रचने की शुरुआत हुई थी. वैट, सर्विस टैक्स जैसे भांति-भांति के टैक्स थे.

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हैदराबाद अपना सामान भेजना हो तो वह कितना कठिन था, साथियों टैक्स और टोल के जनरल की वजह से यह तब के हालात थे और मैं आपको सिर्फ एक पुराना उदाहरण याद दिला रहा हूं. तब ऐसी लाखों कम्पनियों को लाखों करोड़ों देशवासियों को अलग-अलग तरह के टेस्ट के जल की वजह से हर रोज परेशानी होती थी. सामान को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने के बीच जो खर्च बढ़ता था वह भी गरीब को उठाना पड़ता था. आप जैसे ग्राहकों से वसूला जाता था. 

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वन नेशन वन टैक्स का सपना साकार हुआ

आगे पीएम ने कहा, देश को इस स्थिति से निकलना बहुत जरूरी था, इसलिए जब आपने हमें 2014 में अवसर दिया तो हमने जनहित में देश हित में जीएसटी को अपनी प्राथमिकता बनाया. हमने हर स्टेट होल्डर से चर्चा की. हमने हर राज्यों की हर शंका का निवारण किया, हर सवाल का समाधान खोजा सभी राज्यों को सबको साथ लेकर आजाद भारत का इतना बड़ा टैक्स रिफॉर्म संभव हो पाया. यह केंद्र और राज्यों के प्रयासों का नतीजा था कि देश दर्जनों टैक्सों के जाल से मुक्त हुआ. अब पूरे देश के लिए एक जैसी व्यवस्था बनी. वन नेशन वन टैक्स का सपना साकार हुआ. साथियों रिफॉर्म एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया होती है. जब समय बदलता है देश की जरूरत बदलती है तो नेक्स्ट जेनरेशन डिफॉर्म भी उतने ही आवश्यक होते हैं.

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खाने पीने का सामान, दवाइयां, साबुन, ब्रश, पेस्ट, स्वस्थ जीवन बीमा, ऐसे अनेकों सामान अनेकों सेवाएं या तो टैक्स फ्री होगी या फिर केवल 5% टैक्स देना होगा. ऊपर पहले 12 पर्सेंट टैक्स लगा करता था उसमें से 99% यानी करीब करीब 100 के निकट मतलब 99%.

अब आप गरीबों की बारी, न्यू मिडिल क्लास की बारी

पीएम ने कहा, इस नई मिडिल क्लास की अपनी उम्मीदें है. अपने सपने हैं, इस साल सरकार ने 12 लाख रुपए तक की इनकम को टैक्स फ्री करके एक उपहार दिया और स्वाभाविक है जब 12 लाख रुपयों के इनकम पर टैक्स हटा तो मध्यवर्ग के जीवन में तो कितना बड़ा बदलाव आता है कितनी सरलता सुविधा हो जाती है. अब आप गरीबों की बारी है, न्यू मिडिल क्लास की बारी है. दुकानदार भाई बहन भी जीएसटी रिफॉर्म को लेकर बहुत उत्साह में है. 

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जीएसटी में हुई कटौती को ग्राहकों तक पहुंचने में जुटे हुए है बहुत सारी जगह पर पहले और अब के बोर्ड लगाए जा रहे हैं. साथियों हम नागरिक देवी भव् नागरिक देवी भव् के जिस मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं, नेक्स जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म में जो देश के लोगों की जरूरत काम है जो हम देश में ही बना सकते हैं वह हमें देश में ही बनना चाहिए. 

जीएसटी की तरह काम होने से नियम और प्रक्रियाएं और आसान बनने से हमारे एमएसएमई (MSMI) हमारे लघु उद्योगों को कुटीर उद्योगों को बहुत फायदा होगा. उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना पड़ेगा. यानी उनका भी डबल फायदा होगा. इसलिए आज मेरी एमएसएमई (MSMI) से लघु उद्योग हो सूक्ष्म उद्योग हो, कुटीर उद्योग हो आप सबसे बहुत अपेक्षाएं हैं. 

आपको भी पता है जब भारत समृद्धि के शिखर पर था, तब भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हमारे एमएसएमई थे, लघु और कुटीर उद्योग थे. आज जाने अनजाने हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी विदेशी चीज जुड़ गई है. हमें पता तक नहीं है हमारे जेब में कंघी विदेशी है. विदेशियों को पता ही नहीं हमें इसे भी मुक्ति पानी होगी. हम वह सामान खरीदे जो मेड इन इंडिया, जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी है. हमारे देश के बेटे बेटियों का पसीना हो,  हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है. हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है. गर्व से कहो यह स्वदेशी है, गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं. राज्य विकसित होगा भारत विकसित होगा इसी भावना के साथ इस बचत उत्सव की अनेक अनेक शुभकामनाएं देते हुए अपनी बात समाप्त करता हूं. एक बार फिर आप सबको नवरात्रि की जीएसटी बचत उत्सव की बहुत-बहुत शुभकामनाएं बहुत-बहुत धन्यवाद.

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GST की नई दरें कल से लागू 

कल नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू होने जा रही है. इसके बाद लोगों की जरूरत की कई चीजें सस्ती हो जाएंगी. 

मोदी सरकार ने GST 2.0 के तहत कई उत्पादों पर जीएसटी की दरों में कमी की है. अब सिर्फ 2 जीएसटी स्‍लैब 5% और 18% ही रखे गए हैं, जबकि 12 फीसदी और 28 फीसदी टैक्‍स स्लैब को खत्‍म कर दिया गया है. 12 फीसदी स्‍लैब में शामिल ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स को 5 फीसदी स्लैब की कैटेगरी में रखा गया है, जबकि 28 फीसदी वाले ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स को 18% वाले स्‍लैब में रखा गया है. वहीं कुछ चीजों पर जीएसटी रेट को शून्‍य कर दिया गया है. इसका मतलब है कि 22 सितंबर के बाद इन प्रोडक्‍ट्स पर '0' जीएसटी लागू होगा, जिससे ये सभी चीजें बेहद सस्ती हो जाएंगी.

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पीएम मोदी ने कब कब किया है राष्ट्र को संबोधित 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले कई मौकों पर राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं. उन्होंने नोटबंदी और कोरोना काल में लॉकडाउन की घोषणा अपने ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ के माध्यम से की थी. 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सेना की वीरता पर गर्व व्यक्त किया और देशवासियों को एकजुट रहने का आह्वान किया. 

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8 नवंबर 2016 को उन्होंने अचानक राष्ट्र को संबोधित कर 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की. यह उनके सबसे ऐतिहासिक और चर्चित संबोधनों में से एक माना जाता है. कोरोना महामारी के दौरान कई बार राष्ट्र को संबोधित किया. 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया. बाद में ताली-थाली बजाने और दीया जलाने की अपील की, जिससे जनता को मनोबल और सामूहिक एकजुटता का संदेश मिला. वैक्सीन अभियान शुरू होने पर उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया. आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा 12 मई 2020 को राष्ट्र के नाम संबोधन में की गई. स्टार्टअप्स, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं को भी कई बार संबोधनों के माध्यम से जनता तक पहुंचाया.

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