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सऊदी अरब बस हादसा: भारत नहीं लाए जाएंगे 45 लोगों के शव, मदीना में ही होंगे दफन, ये है वजह
हादसे में मारे गए लोगों को उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सऊदी अरब में ही दफनाया जाएगा. मृतकों के परिवार में से दो-दो लोग अंतिम संस्कार में शामिल होंगे.
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सऊदी अरब (Saudi Arabia) के मक्का-मदीना हाईवे भीषण बस हादसे में जान गंवाने वाले 45 भारतीयों के शव भारत वापस नहीं भेजे जाएंगे. उन्हें वही दफन किया जाएगा. सभी यात्री मक्का-मदीना उमरा के लिए गए थे. सरकार मृतकों के परिवारों को सऊदी अरब भेज रही है.
17 नवंबर की तड़के करीब 1.30 बजे मक्का से मदीना जा रही बस डीजल से भरे टैंकर से टकरा गई थी. जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा था. बाद में तीन और यात्रियों के मारे जाने की खबर आई. हादसे में मरने वालों का शव सऊदी अरब में ही मक्का-मदीना क्षेत्र में दफनाया जाएगा.
परिवार से कितने लोग जाएंगे सऊदी अरब
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तेलंगाना सरकार के मुताबिक, हादसे में मारे गए लोगों को उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ही सऊदी अरब में ही दफनाया जाएगा. मृतकों के परिवार में से दो-दो लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भेजा जा रहा है.
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सऊदी अरब में क्यों और कहां दफनाए जाएंगे भारतीयों के शव?
जानकारी के मुताबिक, हज या उमरा यात्रा पर जाने वाले लोगों के शव वही दफनाए जाते हैं. इसके पीछे धार्मिक परंपराएं और प्रशासनिक वजह है. यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों से पहले ही एक डिक्लेरेशन फॉर्म पर साइन करवाए जाते हैं. इसमें क्लियर लिखा होता है कि अगर सऊदी अरब की जमीन पर, चाहे वो मक्का-मदीना हो या कहीं और, अगर यहां यात्री की मौत होती है तो शव वही दफनाया जाएगा. शवों को मदीना के जन्नतुल बकी में दफनाने का ऑप्शन दिया जाएगा. हालांकि गैर तीर्थ यात्री या किसी आम भारतीय की मौत के केस में शव भारत लाने का ऑप्शन है.
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ओवैसी ने की थी शव वापस लाने की मांग
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी इस घटना के बाद लगातार भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं. उन्होंने हैदराबाद की ट्रैवल एजेंसी से संपर्क कर यात्रियों की जानकारी मांगी और इसे भारतीय दूतावास के साथ शेयर किया. ओवैसी ने विदेश मंत्री जयशंकर से अपील करते हुए कहा था कि, मृतकों के शव भारत लाए जाएं.
तेलंगाना सरकार देगी पीड़ितों को मुआवजा
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9 नवंबर को हैदराबाद से करीब 54 लोग सऊदी अरब उमरा के लिए गए थे. 23 नवंबर को सभी की वापसी थी. इससे पहले ही वह मदीना में बड़े हादसे का शिकार हो गए. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है. वहीं, PM मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए रियाद में भारतीय दूतावास को हरसंभव मदद की बात कही.