Advertisement

Loading Ad...

वामपंथियों के गढ़ में लहराया भगवा, बीजेपी ने रच दिया ज़बरदस्त इतिहास

त्रिपुरा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का राज रहा लंबे समय तक रहा, लेकिन 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी, 60 सीटों वाले राज्य में ऐसा भगवा लहराया कि वामपंथियों की जड़े हिल गई, क्योंकि बीजेपी ने यहाँ से पीछे मुड़कर अभी तक नहीं देखा है, लगातार राज्य में दो बार सरकार बनाने के बाद अब त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों में भगवा लहरा दिया है

Loading Ad...
Tripura । जहां 1977 तक कांग्रेस का एकछत्र राज हुआ करता था, लेकिन 1978 में जब वाम मोर्चा पहली बार सत्ता में आया, तबसे प्रदेश की राजनीति में हिंसा, कट्टरता बढ़ती गई, हाल ये हो गया था कि, पहली बार 1978 में जीतने वाली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी 1998 आते-आते इतनी मज़बूत हो चुकी थी कि, उसे हरा पाना न ही कांग्रेस के बस की बात थी, न ही बीजेपी के, जिसकी नतीजा ये रहा कि, 2018 तक त्रिपुरा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का ही राज रहा, लेकिन 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी, 60 सीटों वाले राज्य में ऐसा भगवा लहराया कि वामपंथियों की जड़े हिल गई, क्योंकि बीजेपी ने यहाँ से पीछे मुड़कर अभी तक नहीं देखा है, लगातार राज्य में दो बार सरकार बनाने के बाद अब त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों में भगवा लहरा दिया है। 


2018 त्रिपुरा विधानसभा चुनाव परिणाम। बीजेपी ने 36 सीट जीतकर बहुमत हासिल किया। CPM 57 सीटों पर लड़कर 16 सीट ही जीत पाई। कांग्रेस का त्रिपुरा में खाता तक नहीं खुला। बिप्लव देव को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया । 2023 त्रिपुरा विधानसभा चुनाव परिणाम ।
बीजेपी ने 32 सीट जीतकर दोबारा बहुमत हासिल किया  CPI(M) को इस बार सिर्फ़ 11 सीटें ही मिली । कांग्रेस का खाता खुला और 3 सीटें जीती । माणिक साहा को बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाया ।

मतलब जो त्रिपुरा कभी वामपंथियों का गढ़ रहा उसी त्रिपुरा से बीजेपी ने अपने भगवा लहर में ऐसा सफ़ाया किया कि अब निकाय चुनावों में भी ये वामपंथी जीत दर्ज करने के लिए तरस रहें हैं, क्योंकि बीजेपी ने ठाना है वामपंथियों को ठिकाने लगाना है।

त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनाव आठ अगस्त को हुए थे, जहां बीजेपी ने ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की 97 प्रतिशत सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल करके इतिहास रचा है और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भगवा लहरा कर बता दिया कि अब ये गढ़ वामपंथियों नहीं रहा ।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे (त्रिपुरा)

आठ जिला परिषदों में 96 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिनमें बीजेपी 93 सीटें जीतीं, कांग्रेस को दो, माकपा को एक सीट मिली, पंचायत समितियों के मामले में बीजेपी ने कुल 188 सीटों में से 173 सीटें जीतीं, जहां मतदान हुआ था, माकपा को 6, कांग्रेस को 8 सीटें मिली थीं, बीजेपी ने 1,819 ग्राम पंचायतों की सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 1,476 पर जीत हासिल की, माकपा को 148, कांग्रेस को 151 और तिपरा मोथा को 24 सीटें मिली थीं।

वहीं इससे पहले बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी, मतलब विधानसभा, लोकसभा के बाद बीजेपी ने निकाय चुनावों में भी वामपंथियों को उखाड़ फेंका हैं ।

जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए त्रिपुरा के लोगों का आभार व्यक्त किया ।

गृहमंत्री अमित शाह ने जीत की बधाई देते हुए कहा। "निकाय चुनावों में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए त्रिपुरा के लोगों का हार्दिक आभार यह जीत उन्हीं लोगों की है"

त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने कहा। "आपका भरोसा हमारे लिए काफी अहम ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में मिली प्रचंड जीत के लिए मतदाताओं का बहुत-बहुत धन्यवाद, पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन के लिए अटूट समर्थन के लिए तहे दिल से आभार "

फिलहाल बीजेपी इस जीत से गदगद है और त्रिपुरा में वामपंथियों को किनारे लगाने का काम भी भगवा पार्टी ने जारी रखा हैं, 
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...