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ट्रंप पर भरोसा करने के सवाल पर एस जयशंकर का दो टूक जवाब, कहा- जो हमारे हितों को पूरा करेगा हम उसके साथ
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस सप्ताह ब्रुसेल्स की अपनी यात्रा के दौरान भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं और प्रमुख वैश्विक देशों के साथ संबंधों पर बात की है.
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एस जयशंकर से यूरोपीय मीडिया नेटवर्क यूरैक्टिव के साथ बातचीत में पूछा गया कि क्या भारत ट्रम्प पर भरोसा कर सकता है. इसपर जयशंकर ने बिना लाग लपेट के जवाब दिया जो हमारे हितों को पूरा करेगा हम उसके साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे.
"मैं दुनिया को वैसे ही लेता हूं जैसा मैं पाता हूं"
जयशंकर से जब सवाल पूछा जाता है कि "क्या वह (ट्रंप) अपने वचन के अनुसार खरे उतरते हैं? क्या वह एक ऐसा साझेदार है जिसके साथ भारत संबंधों को गहरा करना चाहता है?"
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इसपर विदेश मंत्री ने जवाब दिया "मैं दुनिया को वैसे ही लेता हूं जैसा मैं पाता हूं. हमारा उद्देश्य हर उस रिश्ते को आगे बढ़ाना है जो हमारे हितों को पूरा करता है. और अमेरिका के साथ संबंध हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. यह व्यक्तित्व एक्स या राष्ट्रपति वाई के बारे में नहीं है."
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बता दें कि जयशंकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच जंग समाप्त करने में अमेरिका की भूमिका को लेकर नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच मतभेद हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अक्सर नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच शांति की मध्यस्थता के अपने दावे को दोहराया है, जबकि भारत ने जोर देकर कहा है कि यह निर्णय पूरी तरह से द्विपक्षीय रूप से लिया गया था.
उन लोगों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक दूसरे पर गोली चला रहे
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31 मई को ट्रम्प ने एक बार फिर कहा कि उन्होंने व्यापार वार्ता को तनाव कम करने से जोड़कर भारत और पाकिस्तान को लड़ाई बंद करने के लिए मजबूर किया. हम व्यापार के बारे में बात करते हैं, और हम कहते हैं कि हम उन लोगों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हैं और संभावित रूप से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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इससे पहले, 10 मई को, जब दोनों परमाणु-सशस्त्र देश गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए थे, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ने संघर्ष विराम कराने का श्रेय लिया था और ट्रम्प ने कहा था कि दोनों देश संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की वार्ता के बाद पूर्ण और तत्काल युद्ध विराम पर सहमत हुए हैं.