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भारत में रह रहे पाकिस्तानियों को राहत, देश छोड़ने की बढ़ाई गई समय सीमा

भारत सरकार ने देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को वतन वापसी के लिए समय सीमा बढ़ा दी है. नए निर्देश सीमा को 30 अप्रैल 2025 को बंद करने की बात कही गई है.

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भारत सरकार ने देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को बड़ी राहत दी है. सरकार की तरफ़ से वाघा-अटारी सीमा के रास्ते अपने वतन लौटने की डेडलाइन अगले आदेश तक बढ़ा दी है. गृह मंत्रालय तरफ़ से एक नया आदेश जारी किया गया है. जिसमें पिछले उस निर्देश को आंशिक रूप से संशोधित किया है. इसमें सीमा को 30 अप्रैल 2025 को बंद करने की बात कही गई है.


क्या है गृह मंत्रालय का आदेश?

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नए सरकारी आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया है, "आदेश की समीक्षा की गई है और आंशिक संशोधन के साथ अब यह आदेश दिया जाता है कि पाकिस्तानी नागरिकों को उचित मंजूरी के साथ अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट से अगले आदेश तक भारत से बाहर निकलने की अनुमति दी जा सकती है."

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अबतक के अप्डेट्स 

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केंद्र के निर्देश के बाद 6 दिनों में, 55 राजनयिकों और उनके सहायक कर्मचारियों समेत 786 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा सीमा पार कर भारत से जा चुके हैं. यह निर्देश पहलगाम हमले के बाद आया था जिसमें 25 पर्यटकों और एक कश्मीरी नागरिक को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने गोली मार दी थी. 


वतन लौट रहे पाकिस्तानियों ने क्या कहा?

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सरकार के आदेश के बाद कई ऐसे लोग है जिनकी शादी हिन्दुस्तान में हुई है, उन्हें अपना घर-परिवार सबकुछ छोड़कर जाना पड़ रहा है. इन्हीं में से एक है मुफज़ाला, जो पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद की रहने वाली है. एक प्रतिष्ठित मीडिया एजेंसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी शादी 6 साल पहले कश्मीर के  बारामूला में हुई थी. उनके दोनों बच्चे भी यहीं पर पैदा हुए. उनकी एक बेटी महज 50 दिन की है. मुफजाला का कहना है कि सऊदी से वापस लौटने के बाद वह यहां लॉन्ग टर्म वीजा के जरिए कानूनी तौर पर रह रही थी. वह पिछले 3 सालों से अपना आवेदन दाखिल कर रही हैं, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया. हर साल उसकी वेरिफिकेशन होती है फिर हर साल वह एप्लिकेशन फिल करती है. तीन दिन पहले अचानक उससे देश छोड़ने के लिए कहा गया. मुफज़ाला का कहना है कि पहलगाम में जो हुआ वह एक आतंकवादी गतिविधि थी. इस हमले में निर्दोष लोगों की जान गई  ये घटना इंसानियत के खिलाफ है. इसके लिए सजा आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इसकी सजा उसको और उसके बच्चों को क्यों मिल रही है. वह अपने घर वापस जाना चाहती है. 


पहलगाम के अतंकियों को सज़ा देने की मांग

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मुफज़ाला का कहना है कि पहलगाम में जो हुआ वह एक आतंकवादी गतिविधि थी. इस हमले में निर्दोष लोगों की जान गई. ये घटना इंसानियत के खिलाफ है. इसके लिए सजा आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इसकी सजा उसको और उसके बच्चों को क्यों मिल रही है. वह अपने घर वापस जाना चाहती है. 

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