Advertisement

Loading Ad...

शादीशुदा महिला शिक्षा मित्रों के लिए राहत, ससुराल के पास मिलेगी पोस्टिंग, अब दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा

UP: शिक्षा मित्रों को अपने संबंधित ब्लॉक या जिले के शिक्षा कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा. विभाग ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

Shiksha Mitras: उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से जो शिक्षा मित्र अपने घर से दूर या दुर्गम इलाकों में नियुक्त हैं, अब उन्हें अपने निवास स्थान के पास काम करने का मौका मिल सकता है. महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से सभी जिलाधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सरकार का साफ कहना है कि शिक्षा मित्रों की व्यक्तिगत परेशानियों को समझते हुए उनके कार्यस्थल को सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि वे बिना किसी तनाव के बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकें.

अब घर के पास स्कूल मिलने की बढ़ी उम्मीद


प्रदेश में कई शिक्षा मित्र ऐसे हैं, जो वर्षों से अपने घर से काफी दूर स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं.रोज़ाना आने-जाने में उन्हें समय और पैसे दोनों की परेशानी होती है.नए आदेश के तहत अगर किसी स्कूल में शिक्षा मित्रों की संख्या जरूरत से ज्यादा है और कहीं कमी है, तो ऐसे शिक्षा मित्रों को पास के स्कूलों में एडजस्ट किया जाएगा. इससे न सिर्फ उनकी यात्रा की समस्या खत्म होगी, बल्कि स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन भी बेहतर होगा.

Loading Ad...

महिला शिक्षा मित्रों को मिलेगी खास राहत


Loading Ad...

नई व्यवस्था में महिला शिक्षा मित्रों को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है. खासतौर पर वे महिलाएं जो शादी के बाद ससुराल से दूर स्कूलों में नियुक्त हैं, अब अपने निवास स्थान के नजदीक स्कूल में काम कर सकेंगी। लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि विवाहित महिला शिक्षा मित्रों की पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए. इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित और दिव्यांग शिक्षा मित्रों को भी पहले अवसर देने का निर्णय लिया गया है, ताकि उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.

यूपी-नेपाल सीमा पर बसे गांव में योगी सरकार लाई खुशियों का सवेरा, कर्णाली और मोहना नदी पर बने नए पांटून पुल से 109 परिवारों की जिंदगी हुई आसान

Loading Ad...

डीएम की अध्यक्षता में बनेगी जिला स्तरीय समिति


शिक्षा मित्रों के तबादले और एडजस्टमेंट की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए हर जिले में एक समिति बनाई जाएगी. इस समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इसके सदस्य सचिव होंगे. समिति सभी प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी न हो. साथ ही शिक्षा मित्रों को उनकी सुविधा और जरूरत के अनुसार स्कूल आवंटित किया जा सके.

मानवीय सोच के साथ लिया गया फैसला


Loading Ad...

शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षा मित्र कम मानदेय में भी परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं. ऐसे में उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है. घर के पास स्कूल मिलने से शिक्षा मित्रों का समय और खर्च बचेगा, जिससे वे पूरी लगन के साथ बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे. इस फैसले से शिक्षा मित्रों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा.

जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया


यह भी पढ़ें

शिक्षा मित्रों को अपने संबंधित ब्लॉक या जिले के शिक्षा कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा. विभाग ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आने वाले दिनों में आवेदन की तिथि और पूरी प्रक्रिया की जानकारी जारी की जाएगी, जिससे शिक्षा मित्रों को समय पर लाभ मिल सके.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...