Advertisement

Loading Ad...

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रिलायंस का बड़ा कदम, जामनगर रिफाइनरी में बढ़ेगा LPG उत्पादन, घरेलू सप्लाई मजबूत करेगी कंपनी

Reliance Industries: रिफाइनरी के कामकाज को बेहतर बनाकर एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर तक ले जाने की कोशिश की जा रही है, ताकि देश के घरेलू बाजार में गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहे.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

LPG production at Jamnagar Refinery: देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी Reliance Industries ने कहा है कि वह Jamnagar Refinery में एलपीजी (रसोई गैस) के उत्पादन को और अधिक बढ़ाने की तैयारी कर रही है. दुनिया भर में इस समय ऊर्जा बाजार में काफी उतार-चढ़ाव चल रहा है और खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे माहौल में कंपनी का कहना है कि भारत के लोगों को रसोई गैस की कमी महसूस न हो, यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है. इसी वजह से रिफाइनरी के कामकाज को बेहतर बनाकर एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर तक ले जाने की कोशिश की जा रही है, ताकि देश के घरेलू बाजार में गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहे.

घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही है पहली प्राथमिकता

सरकार ने हाल ही में एलपीजी की सप्लाई को लेकर नई प्राथमिकताएं तय की हैं. इन नए नियमों के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि सबसे पहले आम लोगों की जरूरत पूरी हो. इसके लिए औद्योगिक कामों में इस्तेमाल होने वाली गैस का एक हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं की तरफ मोड़ा जा रहा है. यानी पहले यह गैस फैक्ट्रियों या उद्योगों में इस्तेमाल होती थी, लेकिन अब उसमें से कुछ मात्रा घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का मकसद साफ है, देश के किसी भी हिस्से में लोगों को गैस सिलेंडर की कमी का सामना न करना पड़े और रसोई से जुड़ी जरूरतें बिना किसी परेशानी के पूरी होती रहें.

Loading Ad...

जामनगर रिफाइनरी की बड़ी भूमिका

Loading Ad...

गुजरात में स्थित जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे आधुनिक रिफाइनिंग परिसरों में से एक माना जाता है. यहां कच्चे तेल को प्रोसेस करके कई तरह के पेट्रोलियम उत्पाद बनाए जाते हैं, जैसे पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और एलपीजी. कंपनी के अनुसार रिफाइनरी की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि मशीनों और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाकर एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया जा सके. अगर यहां उत्पादन बढ़ता है तो इसका सीधा फायदा देश के घरेलू गैस बाजार को मिलेगा, क्योंकि इससे गैस की सप्लाई ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद बनी रहेगी.

केजी-डी6 गैस भी जरूरी क्षेत्रों को मिलेगी

Loading Ad...

रिलायंस ने यह भी बताया कि बंगाल की खाड़ी में स्थित KG-D6 Basin से निकलने वाली प्राकृतिक गैस को भी प्राथमिक जरूरतों वाले क्षेत्रों की तरफ भेजा जाएगा. इसका मतलब यह है कि बिजली उत्पादन, उर्वरक उद्योग और घरेलू जरूरत जैसे अहम क्षेत्रों को गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी. कंपनी का कहना है कि यह फैसला सरकार की ऊर्जा नीतियों और निर्देशों के अनुसार लिया जा रहा है.
इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य यही है कि अगर दुनिया के ऊर्जा बाजार में कोई संकट या अस्थिरता आती है, तब भी भारत में गैस और ऊर्जा की सप्लाई पर उसका असर कम से कम पड़े. इससे देश के लोगों को जरूरी ईंधन लगातार मिलता रहेगा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में किसी तरह की बड़ी परेशानी नहीं आएगी.

यह भी पढ़ें

 

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...