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'ठुकरा कर मेरा प्यार....', अफसर बनने की राह पर SDM ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्य! कर रहे नई शुरुआत
आलोक और ज्योति मौर्य की शादी 2010 में हुई थी. आलोक का दावा रहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई में पूरा सहयोग किया, जिसके बाद ज्योति ने पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम का पद हासिल किया. हालांकि, समय के साथ दोनों के रिश्ते में खटास आ गई और मामला तलाक, गुजारा भत्ता और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर आरोपों तक पहुँच गया.
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कभी निजी विवादों के चलते चर्चा में आए एसडीएम ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं. लेकिन इस बार वजह कोई आरोप या तलाक नहीं, बल्कि एक नया संघर्ष है – एक नई उम्मीद की कहानी.
पद से नहीं, हौसले से बनती है पहचान
आलोक मौर्य, जो वर्तमान में पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत हैं, अब खुद एक अफसर बनने का सपना देख रहे हैं. बीते रविवार को उन्हें यूपीपीएससी आरओ/एआरओ परीक्षा में कानपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्यालय केंद्र पर परीक्षा देते हुए देखा गया. उनकी परीक्षा केंद्र के बाहर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, और लोग इसे "इज्जत की लड़ाई" करार दे रहे हैं.
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वायरल हो रहे एक डायलॉग – “ठुकरा कर मेरा प्यार, अब मेरा इंतकाम देखोगी” – इस पूरे घटनाक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक रूप में दर्शा रहा है.
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जब निजी जीवन बना सार्वजनिक चर्चा का विषय
आलोक और ज्योति मौर्य की शादी 2010 में हुई थी. आलोक का दावा रहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई में पूरा सहयोग किया, जिसके बाद ज्योति ने पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम का पद हासिल किया. हालांकि, समय के साथ दोनों के रिश्ते में खटास आ गई और मामला तलाक, गुजारा भत्ता और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर आरोपों तक पहुँच गया.
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इस विवाद ने मीडिया और सोशल मीडिया में खूब सुर्खियाँ बटोरीं. कई लोगों ने इसे संघर्ष, महत्वाकांक्षा और रिश्तों के बदलते मायनों से जोड़ा.
अब कोई शोर नहीं, बस संकल्प की गूंज
विवादों और चर्चाओं से दूर, अब दोनों ही पक्ष मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं. लेकिन आलोक मौर्य की हर परीक्षा में शिरकत यह साफ दर्शा रही है कि उन्होंने स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की राह पकड़ ली है.
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वे सिर्फ खुद को नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं को संदेश दे रहे हैं – कि हालात चाहे जैसे भी हों, मेहनत और आत्मबल से हर मोर्चा फतह किया जा सकता है.