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पटना पहुंचे राहुल गांधी ने EC पर फिर साधा निशाना, कहा- बिहार चुनाव चोरी करने की कोशिश

बिहार बंद में शामिल होने पटना पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा,पहले महाराष्ट्र चुनाव चोरी किया गया, अब बिहार चुनाव चोरी करने की कोशिश.

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला है. पटना में इंडिया गठबंधन के चक्काजाम में प्रदर्शन करने पहुंचे राहुल गांधी ने यह बयान दिया. कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव को महाराष्ट्र के तरह ही चोरी करने की कोशिश की जा रही है. गरीबों के हक को छीनने की साजिश रची जा रही है. लेकिन हमलोग ऐसा नहीं करने देंगे. हमलोग बिहार की जनता का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे. इंडिया गठबंधन बिहार की जनता के साथ खड़ा है.

बिहार चुनाव चोरी करने की कोशिश 

बिहार बंद में शामिल होने पटना पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा, "बीजेपी जान ले ये बिहार है यहां ये नहीं चलेगा, आयोग का काम बीजेपी की रक्षा करना नहीं है, संविधान की रक्षा करना चुनाव आयोग भूल गया है. वोटर लिस्ट रिवीजन वोट छीनने का तरीका है. कोई कितना भी बड़ा हो कानून नहीं छोड़ेगा, आपका भविष्य चोरी हो रहा. पहले महाराष्ट्र चुनाव चोरी किया गया, अब बिहार चुनाव चोरी करने की कोशिश."

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वहीं राहुल गांधी की तरफ से लगाए गए आरोप पर बीजेपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. पूर्व कानून मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने महागठबंधन की तरफ से बुलाई गई बंद पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 'जब कल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में वोटर पुनरीक्षण मामले में सुनवाई है तो आज बंद क्यों रखा गया है. 

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मार्च में शामिल राहुल-तेजस्वी को रोका गया 

तेजस्वी यादव के साथ राहुल गांधी को इनकम टैक्स गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक मार्च करना था लेकिन कांग्रेस सांसद समेत सभी प्रदर्शनकारियों को पटना में विधानसभा के पास सत्यमूर्ति के पास रोक दिया गया. इसके बाद यही पर सभा शुरू हो गई.

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क्यों हो रहा वोटर पुनरीक्षण, अब करना होगा बिहार के मतदाता को 

बिहार में लगभग 2.93 करोड़ मतदाताओं को अपने जन्म की तारीख और स्थान के साथ-साथ 1987 के बाद पैदा हुए लोगों के मामले में अपने माता-पिता के जन्म की तारीख और स्थान के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, क्योंकि राज्य की मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शनिवार (28 जून, 2025) से शुरू हो गया है.

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कहा कि उसने बिहार से शुरुआत करते हुए पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, तथा इसके लिए कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा.

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बिहार में इस तरह का आखिरी गहन संशोधन 2003 में किया गया था, जिसकी योग्यता तिथि 1 जनवरी, 2003 थी.

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1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोगों को अपनी जन्म तिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाला कोई भी दस्तावेज़ प्रस्तुत करना होगा. 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे युवा लोगों को अपने माता-पिता में से किसी एक के साथ अपनी जन्म तिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे. 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे लोगों को अपने और अपने माता-पिता दोनों के लिए जन्म स्थान और जन्म तिथि के प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे.

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