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'पूरा भारत राममय बनेगा', महाराष्ट्र के भिवंडी मे बागेश्वर बालाजी मठ के लोकार्पण पर बोले रामभद्राचार्य
महाराष्ट्र मे देश के दूसरे सबसे बड़े बागेश्वर बालाजी मठ के लोकार्पण पर रामभद्राचार्य ने कहा, “मुझे अत्यंत आनंद हो रहा है कि इस मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। इससे सनातन धर्म को बड़ी शक्ति मिलेगी और पूरा भारत राममय बनेगा।"
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महाराष्ट्र के भिवंडी के हाईवे के पास देश का दूसरा और प्रदेश का पहला श्री बागेश्वर बालाजी सनातन मठ का सोमवार को लोकार्पण किया गया। चित्रकूट के जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य महाराज ने मीडिया से बात करते हुए इस पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पूरा देश राममय बनेगा
जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले -पूरा भारत राममय बनेगा
चित्रकूट के जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने मठ के निर्माण पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मुझे अत्यंत आनंद हो रहा है कि इस मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। इससे सनातन धर्म को बड़ी शक्ति मिलेगी और पूरा भारत राममय बनेगा।"
मुर्शिदाबाद हिंसा पर क्या बोले रामभद्राचार्य
वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए हिंसा को लेकर रामभद्राचार्य ने कहा, "बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर हम चिंतन कर रहे हैं और जल्द ही उसके लिए कोई ठोस घोषणा की जाएगी।”
कैसा होगा भिवंडी में बागेश्वर बालाजी मठ?
भिवंडी में बागेश्वर बालाजी सनातन मठ साढ़े चार एकड़ क्षेत्रफल में होगा। इस मंदिर की संरचना भूतल और प्रथम मंजिल तक विस्तारित है। मंदिर के पीछे यज्ञ कुंड की स्थापना की गई है और यज्ञ-पूजन संपन्न हुआ है। बागेश्वर मठ के मठाधिपति पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मार्गदर्शन में मठ का विस्तार किया जा रहा है।
बालाजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा मे कौन-कौन पहुंचे?
पहली मंजिल पर बागेश्वर बालाजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। बालाजी की दायीं ओर भगवान गणेश की मूर्ति, बायीं ओर सफेद स्फटिक का शिवलिंग और बालाजी की मूर्ति के ठीक सामने, ऊपरी हिस्से में प्रभु श्री रामचंद्र, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। इस अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री, साधु-संत, चित्रकूट के जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य महाराज, सांसद मनोज तिवारी, गायक पवन सिंह समेत कई संत-महंत उपस्थित रहे।
मंदिर के भूतल पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बैठक कक्ष और दिव्य दरबार सभागार का निर्माण किया गया है। इस स्थल पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों के चित्रों द्वारा रामायण की महिमा को दर्शाया गया है।
Input: IANS
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