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अजमेर में सड़क पर उतरा राजपूत समाज, किशनगढ़ शहर पूरी तरह बंद, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और जाम

अजमेर जिले के किशनगढ़ शहर में राजपूत समाज के आह्वान पर रविवार को पूरा शहर बंद रहा. बाजार बंद रहे, सड़कों पर जाम की स्थिति बनी और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए. प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा. जबकि समाज ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा.

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राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ शहर में रविवार को उस समय जनजीवन प्रभावित हो गया जब राजपूत समाज ने 20 दिन पहले हुए एक जानलेवा हमले के विरोध में बंद का आह्वान किया. समाज के आह्वान पर सुबह से ही बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और आम जनजीवन प्रभावित हुआ. 

प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप 

यह बंद उस घटना के विरोध में आयोजित किया गया जिसमें किशनगढ़ के मझेला रोड निवासी मनोहर सिंह और उनके परिवार पर कुछ लोगों ने हमला किया था. समाज का आरोप है कि हमले को लेकर अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इसी को लेकर राजपूत समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन पर ढिलाई बरतने के आरोप लगाए जा रहे हैं.

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हाईवे और मुख्य मार्गों पर जाम

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किशनगढ़ से गुजरने वाले नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर बंद का असर साफ दिखाई दिया. कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. बसों और निजी वाहनों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा, वहीं यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट 

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इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नज़र आया. बंद के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. किशनगढ़ सिटी सीओ अजय सिंह राठौड़, मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह, गांधीनगर थाना प्रभारी संजय शर्मा और शहर थाना प्रभारी भीखाराम काला लगातार फील्ड में मौजूद रहे और स्थिति पर नज़र बनाए रखी.

नेताओं ने सरकार से की अपील

राजपूत समाज के नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब आवाज बुलंद करना जरूरी हो गया है. उन्होंने साफ किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो इसे और तेज किया जाएगा.

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बंद का असर सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ा. किराने से लेकर दवा की दुकानें बंद रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को वैकल्पिक साधन तलाशने पड़े.

अगली रणनीति पर सबकी नज़र

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राजपूत समाज के इस बंद के बाद अब सबकी नज़र आगे की रणनीति पर है. समाज के प्रतिनिधियों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा. फिलहाल प्रशासन और पुलिस हालात सामान्य बनाने में जुटे हैं.

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