Advertisement
Rajasthan: दौसा में सब-इंस्पेक्टर की मौत पर परिजनों का धरना, 5 करोड़ मुआवजे की मांग, विधायक बैरवा ने सरकार पर साधा निशाना
विधायक बैरवा ने राजेंद्र सैनी की मौत को हाल ही में रद्द हुई सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही भर्ती रद्द करके बड़ा हादसा कर दिया था, और इसके बाद से ही इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है.
Advertisement
राजस्थान के दौसा रेलवे जंक्शन के पास सोमवार देर रात मालगाड़ी की चपेट में आने से सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र सैनी की मौत हो गई थी. मृतक के परिजन मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर जिला अस्पताल में धरने पर बैठे हैं. उन्होंने मांगें पूरी होने तक सैनी के शव का पोस्टमॉर्टम कराने से भी इनकार कर दिया है.
एसआई मौत के बाद परिजनों का धरना
ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन में दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा भी शामिल हो गए. उन्होंने सरकार और प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है. विधायक ने कहा कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद कोई भी सरकार का प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा.
Advertisement
विधायक बैरवा ने सरकार पर उठाए सवाल
Advertisement
विधायक बैरवा ने राजेंद्र सैनी की मौत को हाल ही में रद्द हुई सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही भर्ती रद्द करके बड़ा हादसा कर दिया था, और इसके बाद से ही इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब 785 निर्दोष सब-इंस्पेक्टरों में से एक, राजेंद्र सैनी, ने अवसाद में आकर आत्महत्या कर ली, तो कोई भी सरकार का प्रतिनिधि बोलने को तैयार नहीं था.
Advertisement
भर्ती रद्द होने के मामले में कोर्ट से राहत
उन्होंने कहा कि भर्ती रद्द होने के मामले में कोर्ट ने थोड़ी राहत दी है, लेकिन सरकार के स्तर पर इस पर कोई बात नहीं हो रही है. उन्होंने मांग की कि जब तक सरकार और प्रशासन की तरफ से न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा.
विधायक ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए नहीं तो आने वाले दिनों में धरना और बढ़ाया जाएगा.
Advertisement
एसडीएम ने की धरनार्थियों से बात
वहीं मंगलवार को एसडीएम मूलचंद लूणिया ने धरनार्थियों से बात की थी. इस दौरान एक परिजन को नौकरी और राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि पर सहमति बन गई, लेकिन मुआवजे की मांग पर बात अटक गई है.
यह भी पढ़ें
धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उन्हें 5 करोड़ रुपए के मुआवजे का चेक नहीं मिलेगा, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे. इस बीच, जिला अस्पताल की मोर्चरी और परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.