Advertisement
Loading Ad...
राहुल गांधी को भारी पड़ी हिन्दू धर्म पर टिप्पणी, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने की धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा
ज्योतिर्मठ के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है. इसके साथ ही उन्होंने राहुल को लेकर पुजारियों से भी बड़ी अपील कर दी है.
Advertisement
Loading Ad...
देश की राजनीति में अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. कभी मोदी विरोध की ध्वज पताका, मसलन राम मंदिर, महाकुंभ में हुई भगदड़ पर मोदी सरकार और योगी सरकार को घेर चुके स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के तीर ने अलग अब अपने निशाने पर राहुल को लिया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की सार्वजनिक घोषणा की है.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी के एक पुराने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति के बारे में जो बयान दिया उससे सनातन धर्मी आहत हैं. शंकराचार्य ने आगे सवाल पूछते हुए कहा कि राहुल गांधी संसद में कहते हैं बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं आपकी किताब यानी कि 'मनुस्मृति' में लिखा है.
राहुल गांधी को भेजा गया नोटिस: शंकराचार्य
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि राहुल गांधी को तीन माह पूर्व एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया था कि उन्होंने मनुस्मृति को लेकर जिन बातों का जिक्र और दावा किया है, वो बताएं कि वह कहां लिखी हैं? लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी राहुल गांधी ने न तो कोई जवाब दिया और न ही माफी मांगी है.
राहुल गांधी के धर्म से बहिष्कार पर शंकराचार्य ने क्या कहा?
शंकराचार्य ने राहुल गांधी को धर्म से बहिष्कृत करने के पक्ष में दलील देते हुए कहा कि “जब कोई व्यक्ति लगातार हिंदू धर्मग्रंथों का अपमान करता है और स्पष्टीकरण देने से बचता है, तो उसे हिंदू धर्म में स्थान नहीं दिया जा सकता". शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इससे आगे बढ़ते हुए स्पष्ट किया कि अब राहुल गांधी का मंदिरों में विरोध होना चाहिए. उन्होंने पुजारियों से अपील की कि वे उनकी पूजा न करें (उनकी पूजा-पाठ न कराएं) क्योंकि वे अब स्वयं को हिंदू कहने के अधिकारी नहीं हैं.
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...