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'वीर सावरकर पर दिए बयान पर राहुल गांधी की जान को खतरा...', कांग्रेस सांसद के वकील ने किया बड़ा दावा, 10 सितंबर को अगली सुनवाई

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पुणे की अदालत में आवेदन देकर अपनी जान को लेकर गंभीर चिंता जताई है. आवेदन में राहुल गांधी ने कहा है कि 'उन्होंने अब तक हाल के दिनों में जो भी राजनीतिक मुद्दे उठाए हैं. उनमें सावरकर पर की गई टिप्पणी से उनकी सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है.'

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी जान को लेकर खतरा जताया है. उन्होंने पुणे की अदालत में इसके लिए आवेदन किया है. राहुल गांधी द्वारा यह आवेदन वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है. उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए बयान दिया था कि इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं देती है. जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गांधी ने हाल में जो भी टिप्पणी की है, उनमें उन्होंने राजनीति के अलावा वीर सावरकर पर भी टिप्पणियां की थीं. इसको लेकर उनके ऊपर मानहानि का मामला दर्ज किया गया है. 

राहुल गांधी की जान को खतरा 

सांसद राहुल गांधी ने पुणे की अदालत में आवेदन देकर अपनी जान को लेकर गंभीर चिंता जताई है. आवेदन में राहुल गांधी ने कहा है कि 'उन्होंने अब तक हाल के दिनों में जो भी राजनीतिक मुद्दे उठाए हैं. उनमें सावरकर पर की गई टिप्पणी से सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है.'

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'शिकायतकर्ता नाथूराम गोडसे के वंशज है'  

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राहुल गांधी ने आगे कहा कि इस मामले पर शिकायत दर्ज कराने वाले नाथूराम गोडसे के वंशज हैं. शिकायतकर्ता के परिवार का हिंसा और असंवैधानिक गतिविधियों से जुड़ा दस्तावेज इतिहास मौजूद है.' कांग्रेस सांसद ने आगे यह भी कहा कि 'यह स्पष्ट, तार्किक और ठोस आशंका है कि मुझे नुकसान पहुंचाया जा सकता है. मुझे कई झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है या अन्य तरीकों से निशाना बनाया जा सकता है. शिकायतकर्ता के परिवार का हिंसा से जुड़ा इतिहास है. इतिहास खुद को दोहराने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. यह बयान उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के संदर्भ में दिया.'

मुझे बीजेपी नेताओं से भी मिल रही धमकी

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कांग्रेस संसद ने आगे यह भी कहा कि 'वोट चोरी मामले से उनकी राजनीतिक विरोधियों को गहरा चोट लगा है. मुझे अब तक बीजेपी की तरफ से 2 सार्वजनिक धमकियां मिल चुकी हैं. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मुझे 'देश का नंबर वन आतंकवादी' बताया और दूसरे बीजेपी नेता तरविंदर सिंह मारवाह ने भी मुझे धमकी दी है. 

सावरकर के पोते का बयान आया सामने 

वीर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने इस मामले पर कहा कि 'यह आवेदन काफी समय पहले दायर किया गया था, लेकिन जानबूझकर राहुल ओर से मामले में देरी की जा रही है. राहुल गांधी की तरफ से उठाया गया यह कदम पूरी तरीके से अप्रासंगिक है. इस मामले में अदालत पहले ही कह चुकी है कि मामले की शुरुआत के लिए राहुल गांधी की व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी है. इन सब के बावजूद वह कार्रवाई में लगातार देरी कर रहे हैं. उनके द्वारा दिया गया आवेदन किसी भी मामले से कोई औचित्य नहीं है.

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मामले की अगली सुनवाई 

बता दें कि राहुल गांधी की अपील के बाद पुणे की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के लिए 10 सितंबर की अगली तारीख तय की है. 

कौन थे वीर सावरकर? 

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वीर सावरकर भारत के स्वतंत्रता सेनानी थे. इसके अलावा वह राजनेता, कार्यकर्ता और लेखक भी थे. उन्होंने देश में जाति व्यवस्था के उन्मूलन की वकालत की थी. सावरकर ने अपने जीवनकाल में कई भूमिकाएं निभाईं. ऐसे कहा जाता है कि उन्होंने 1922 में रत्नागिरी में हिरासत में रहने के दौरान हिंदुत्व की हिंदू राष्ट्रवादी राजनीतिक विचारधारा विकसित की थी. वह हिंदू महासभा में अग्रणी व्यक्ति बन गए. इसी वजह से उनके नाम के आगे अनुयायियों ने 'वीर' (जिसका अर्थ है बहादुर) जोड़ दिया. 

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