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पंजाब की भगवंत मान सरकार के एक्शन से गैंगस्टर्स में हड़कंप, 17,603 छापेमारी, 5,290 गिरफ्तारियां
Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किया गया ऑपरेशन प्रहार-2 केवल एक पुलिस अभियान नहीं है, बल्कि यह उस राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है, जो पिछले चार वर्षों में पंजाब की कानून व्यवस्था की पहचान बन चुकी है.
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Punjab Bhagwant Mann Government Action: पंजाब में कानून और व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अपराध, गैंगस्टरवाद और नशे के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किया गया ऑपरेशन प्रहार-2 केवल एक पुलिस अभियान नहीं है, बल्कि यह उस राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है, जो पिछले चार वर्षों में पंजाब की कानून व्यवस्था की पहचान बन चुकी है. यह अभियान यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ दावे नहीं कर रही, बल्कि वास्तविक कार्रवाई और नतीजे भी दिखा रही है. पंजाब में आम जनता के लिए यह संदेश भी स्पष्ट है कि उनका जीवन और सुरक्षा सर्वोपरि है.
72 घंटे का विशेष अभियान
ऑपरेशन प्रहार-2 में पंजाब पुलिस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है. डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी, नाकाबंदी और धरपकड़ की जा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी जिलों में निगरानी कर रहे हैं.
इस अभियान की रणनीति में हाई-टेक नाके, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई और पूरे इलाके को सील करना शामिल है. इसका उद्देश्य अपराधियों के लिए हर रास्ता बंद करना और उन्हें राज्य से खदेड़ना है.
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ऑपरेशन प्रहार-1 की सफलता और प्रहार-2 की तैयारी
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जनवरी 2026 में आयोजित पहले ऑपरेशन प्रहार ने पंजाब की कानून व्यवस्था बदल दी थी. उस 72 घंटे के अभियान में 3,256 लोगों की गिरफ्तारी, 69 अवैध हथियार बरामद, और कई एनकाउंटर तक हुए थे. पहले दिन 1,314 और दूसरे दिन 1,186 गैंगस्टर और उनके सहयोगी पकड़े गए थे. उस समय 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 1,200 टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं, जो पंजाब का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित पुलिस अभियान माना गया.
ऑपरेशन प्रहार-2 पिछले आंकड़ों से भी आगे बढ़ता दिख रहा है. सिर्फ पिछले 20 दिनों में पूरे पंजाब में 17,603 छापेमारी, 5,290 गैंगस्टर और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी, 128 हथियार बरामद, और 344 भगोड़े अपराधियों को पकड़ा गया. इसके अलावा 2,973 लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई, जिससे अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से कमजोर किया जा सके.
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नशा माफिया पर सख्त कार्रवाई
गैंगस्टरों के साथ-साथ नशा माफिया पर भी मान सरकार का अभियान लगातार जारी है. ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक 48,167 नशा तस्करों की गिरफ्तारी, 2,149 किलो हेरोइन बरामद, और 15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई. इस दौरान 33,779 एफआईआर दर्ज की गई, जो दिखाता है कि सरकार आंकड़ों की बाजीगरी नहीं कर रही, बल्कि जमीनी कार्रवाई पर भरोसा कर रही है.
मार्च 2025 से अब तक लगातार हुई कार्रवाई ने उस तंत्र को तोड़ दिया है, जिसने दशकों तक पंजाब के युवाओं को बर्बाद किया. यह वही तंत्र था जिसे पूर्व की कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन सरकारों का राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा.
पंजाब में अपराधियों में डर, आम लोगों में भरोसा
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आज पंजाब में फर्क साफ दिखाई देता है. पहले राज्य को अपराध और नशे से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब यह सख्त कानून व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य का उदाहरण बन गया है. आंकड़े बताते हैं कि कुल अपराध दर में हरियाणा की स्थिति पंजाब से लगभग तीन गुना ज्यादा खराब है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का संदेश साफ है: किसी भी मां का बेटा नशे या गैंगस्टरवाद की भेंट नहीं चढ़ेगा. यही वजह है कि अपराधियों में डर है और आम लोगों में भरोसा. सरकार ने जनता से भी अपील की है कि वे हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुप्त रूप से जानकारी दें, ताकि इस जंग में समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो सके.
ऑपरेशन प्रहार-2: मजबूत कानून व्यवस्था की पहचान
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ऑपरेशन प्रहार-2 यह साबित करता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब सिर्फ दावों पर नहीं, बल्कि मजबूत कानून, सख्त कार्रवाई और सुरक्षित भविष्य की ठोस नींव के साथ आगे बढ़ रहा है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और नशा अब पंजाब में कभी भी फलने-फूलने की जगह नहीं पाएंगे.