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वक्फ कानून को लेकर मुंबई, कोलकाता, लखनऊ तक चल रहा प्रदर्शन! AIMPLB चला रही "वक्फ बचाओ कानून" अभियान
बता दें कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने इस बिल का कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से कहा है कि इस बिल को अपने प्रदेश में लागू होने नहीं देंगी. इस बिल को लेकर पश्चिम बंगाल में हालात काफी ज्यादा बिगड़े हुए हैं. वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से लेकर 7 जुलाई तक "वक्फ बचाओ अभियान" चलाने का ऐलान किया है.
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Waqf Law: दोनों सदनों से पास होते हुए और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद देश में वक्फ संशोधन कानून लागू हो गया है. इस बिल को लेकर शुरू से ही देश में विरोध चल रहा है. जिसमें कई मुस्लिम संगठनों के साथ विपक्षी दलों की कई छोटी और बड़ी पार्टियां भी इसका विरोध जता रही हैं. जिस दिन से यह कानून लागू हुआ है उसी दिन से देश भर में अलग-अलग जगहों पर प्रोटेस्ट चल रहे हैं. कोलकाता से लेकर मुंबई,लखनऊ और देश के कई राज्यों में इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज होता जा रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देश के सभी मुसलमानों को घर की बत्ती बंद कर सड़कों पर इस बिल के विरोध में उतरने को कहा है. दूसरी तरफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इस बयान का करारा जवाब देते हुए भाजपा ने कहा है कि मोदी मुस्लिमों के घर रोशनी देंगे. इस बीच देश के तीन बड़े राज्यों के मुस्लिम समुदाय ने इस बिल का कड़ा विरोध जताया है.
कोलकाता की आलिया विश्वविद्यालय में वक्फ कानून को लेकर प्रदर्शन
बता दें कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने इस बिल का कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से कहा है कि इस बिल को अपने प्रदेश में लागू होने नहीं देंगी. इस बिल को लेकर पश्चिम बंगाल में हालात काफी ज्यादा बिगड़े हुए हैं. अभी 2 दिन पहले मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों और दुकानों में आग लगा दी. वक्फ कानून के विरोध की चिंगारी अब पश्चिम बंगाल की आलिया विश्वविद्यालय तक पहुंच गई है. जहां स्टूडेंट्स इस बिल को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. यहां पिछले शुक्रवार को भी प्रदर्शन हुआ था.
यूपी के लखनऊ और मुंबई में वक्फ बिल को लेकर विरोध-प्रदर्शन
बता दें कि यूपी की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय के लोगों ने वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध जताया है. यह प्रदर्शन जुमे की नमाज के बाद शिया धर्म गुरु कल्बे जवाद की अगुवाई में हुआ. सभी प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्ती नजर आई. जिसमें वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ लिखे स्लोगन्स नजर आए. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में असदुद्दीन ओवैसी के कार्यकर्ताओं ने जुमे की नमाज के बाद वक्फ कानून को लेकर सड़कों पर उतरकर बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया. इसमें AIMIM के नेता वारिस पठान और कई अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया. यह सभी हिंदुस्तानी मस्जिद के पास प्रोटेस्ट कर रहे थे. वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ नारे भी लगाए गए. खबरों के मुताबिक यह प्रोटेस्ट करीब 15 से 20 मिनट चला. उसके बाद पुलिस ने 50 से 60 लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस का कहना है कि बिना परमिशन के यह प्रदर्शन किया जा रहा था.
11 अप्रैल से 7 जुलाई तक चलेगा "वक्फ बचाओ अभियान"
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सेक्रेटरी मौलाना फजलुर रहीम मुजद्दीदी ने कहा कि 11 अप्रैल से 7 जुलाई तक "वक्फ बचाओ अभियान" चलेगा. हम सभी लोग वक्फ के खिलाफ हैं. यह लोग वक्फ को हड़पना चाहते हैं. हम शांति से अपना अभियान चलाएंगे. बीजेपी पर दबाव बनाया जाएगा. ताकि यह कानून वापस लिया जा सके. 30 अप्रैल को रात 9 बजे देश के सभी मुसलमान अपने घर फैक्ट्री की बत्ती बंद कर दें . हम दिल्ली के रामलीला मैदान में भी इसके विरोध में कार्यक्रम करेंगे.
वक्फ कानून को लेकर सियायत हुई तेज
भारतीय जनता पार्टी के नेता मोहसिन रजा ने कहा है कि "ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कांग्रेस का टूलकिट है. मुसलमानों के घर की बत्ती गुल करने की बात कर रहा है. लेकिन मोदी जी मुसलमानों के घर रोशनी देंगे. विपक्ष और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बत्ती गुल हो गई है. इसी वजह से वह बौखला गए हैं. दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेता कहा कि "AIMPLB का विरोध प्रदर्शन ठीक है. संविधान के तहत कोई भी विरोध कर सकता है. लोकतांत्रिक तरह का विरोध करना. उनका हक है.
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