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वायनाड लोकसभा सीट से प्रचंड जीत के साथ संसद पहुंचने वाली प्रियंका, गांधी परिवार की 10वीं सदस्य बनी

केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रियंका गांधी 4 लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल कर संसद पहुंच गई है। वह गांधी परिवार से संसद पहुंचने वाली नौवीं सदस्य है। आईए जानते हैं कि अब तक गांधी परिवार से कौन-कौन से सदस्य संसद पहुंचे हैं।

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केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रियंका गांधी की प्रचंड जीत हुई है। प्रियंका का यह पहला चुनाव था। वह पहले ही चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल कर लोकसभा पहुंचने वाली गांधी परिवार की 9वीं सदस्य बन गई है। उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी को हराया है। इस चुनाव पर हर किसी की नजर थी। लोग यह देखना चाह रहे थे कि क्या वह अपने भाई राहुल गांधी से अधिक मतों से जीत दर्ज करने में कामयाब होंगी। लेकिन प्रियंका ने 2024 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के मतों की रिकॉर्ड जीत को तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि राहुल ने लोकसभा चुनाव अमेठी और वायनाड 2 सीटों से लड़ा था। लेकिन चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक दोनों सीटों पर जीत दर्ज हासिल करने पर एक सीट छोड़ना पड़ता है। ऐसे में राहुल ने वायनाड सीट छोड़ दी थी। जहां पर उपचुनाव हुए। तो चलिए जानते हैं कि गांधी परिवार से अब तक कौन-कौन से सदस्य लोकसभा संसद पहुंचे हैं। 

लोकसभा संसद पहुंचने वाली गांधी परिवार की 10वीं सदस्य बनी प्रियंका 

आपको बता दें कि देश की राजनीति में गांधी परिवार ने आजादी के बाद बड़ी भूमिका निभाई है। 60 सालों तक देश की राजनीति को गांधी परिवार ने ही देखा और संभाला है। प्रियंका से पहले गांधी परिवार से 9 सदस्य लोकसभा संसद पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे पहले देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू,इंदिरा गांधी,फिरोज गांधी,संजय गांधी, राजीव गांधी,सोनिया गांधी,मेनका गांधी, वरुण गांधी,राहुल गांधी और अब 10वीं सदस्य के रूप में प्रियंका गांधी भी संसद पहुंच चुकी हैं। 

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संसद पहुंचने वाली गांधी परिवार की महिलाओं की चौथी सदस्य बनी 

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आपको बता दें कि गांधी परिवार से अब तक कुल 3 महिलाएं लोकसभा संसद पहुंच चुकी है। इनमें प्रियंका की दादी इंदिरा गांधी,मां सोनिया गांधी,चाची मेनका गांधी और अब खुद प्रियंका गांधी जो संसद पहुंचेगी। 

गांधी परिवार का कैसा रहा है कार्यकाल? 

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1- जवाहरलाल नेहरू 

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू साल 1912 से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे। वह देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर सबसे लंबे वक्त तक आसीन रहने वाले प्रधानमंत्री थे। लेकिन आजादी के बाद उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा। जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री रहे। उनका कार्यकाल 16 साल का रहा। 

2 - इंदिरा गांधी 

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इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य के रूप में किया। इंदिरा ने अपना पहला चुनाव साल 1976 में पिता के निधन के बाद रायबरेली लोकसभा सीट से लड़ा था। इंदिरा गांधी अपने कई फैसलों के लिए जानी जाती हैं। इनमें ऑपरेशन ब्लू और देश में इमरजेंसी लगाना जैसे कई फैसले शामिल है।  

3 - फिरोज गांधी 

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी देश के स्वतंत्रता आंदोलनों से राजनीति में सक्रिय हुए। देश की आजादी के बाद उन्होंने पहला चुनाव अमेठी- प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद साल 1957 में रायबरेली सीट से चुनाव लड़ा। 

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4 - संजय गांधी 

इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी कम उम्र से ही राजनीति में दिलचस्पी रखते थे। विदेश से लौटने के तुरंत बाद वह राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्होंने पहला चुनाव इमरजेंसी के बाद साल 1977 में अमेठी लोकसभा सीट से लड़ा था। इस चुनाव में हार मिली थी। फिर साल  1980 अगले चुनाव में इसी सीट से लड़ा और जीत हासिल करने में कामयाब हुए। जिस साल चुनाव लड़ा। उसी साल उनकी एक प्लेन दुर्घटना में मौत हो गई। 

5 - राजीव गांधी 

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अपने छोटे भाई संजय गांधी की मौत के बाद देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया। संजय गांधी की मौत के बाद अमेठी लोकसभा सीट खाली हो गई थी। जहां 1981 में उपचुनाव हुआ। इस सीट से राजीव गांधी ने पहली बार चुनाव लड़ा। जिसके बाद जीत हासिल करते हुए। अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 3 साल बाद साल 1984 में राजीव के मां इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। इंदिरा की हत्या के बाद राजीव गांधी अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते हैं। फिर साल 1991 के आम चुनाव में राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को प्रचंड जीत मिलती है। जो आज भी कायम है। 1991 में प्रचार- प्रसार के दौरान राजीव की हत्या कर दी जाती है।

6 - मेनका गांधी 

मेनका गांधी ने साल 1984 के आम चुनाव में अलग दल बनाकर अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। साल 1984 में उन्होंने संजय गांधी के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी से चुनाव लड़ा। फिर 1989 में यूपी की पीलीभीत सीट से चुनाव लड़ा। 

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7 - सोनिया गांधी 

सोनिया गांधी ने अपने पति राजीव गांधी की हत्या के बाद साल 1997 में पहली बार राजनीति में कदम रखा। इसी साल उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता हासिल की। 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष चुनी गई। 1999 में उन्होंने अपना पहला चुनाव अमेठी लोकसभा सीट से लड़ा। जहां से उन्होंने जीत हासिल की। अमेठी के बाद साल 2004 में उन्होंने अगला चुनाव रायबरेली से लड़ा। जहां वह 2024 तक सांसद बनी रही। सोनिया 2024 में राज्यसभा चली गई। जिसके बाद राहुल गांधी ने इस सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 

8 - वरुण गांधी 

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मेनका गांधी के बेटे और राहुल के चचेरे भाई वरुण गांधी ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 2004 में किया। उन्होंने इसी साल पीलीभीत लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद सुल्तानपुर लोकसभा सीट से भी वह संसद पहुंचे। 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया। 

9 - राहुल गांधी 

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राहुल और वरुण दोनों ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 2004 में ही की। उन्होंने अपने परिवार की पारंपरिक सीट अमेठी से चुनाव लड़ा। वह इस सीट पर  2004,2009 और 2014 तक 3 बार सांसद रहे। 2019 में वायनाड और अमेठी से चुनाव लड़ा। अमेठी में उन्हें बीजेपी की प्रत्याशी स्मृति ईरानी से हार मिली। लेकिन वायनाड से 4 लाख से ज्यादा मतों से जीतने में कामयाब रहे। 2024 में रायबरेली और वायनाड से चुनाव लड़ा। जहां से उन्होंने जीत हासिल की। राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष है।

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