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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुवैत की सफल यात्रा कर भारत लौटें
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय कुवैत की सफल दौरे के बाद भारत लौट आए है। पीएम मोदी का यह दौरा कई मुद्दों को लेकर काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय कुवैत की सफल दौरे के बाद भारत लौट आए है। पीएम मोदी का यह दौरा कई मुद्दों को लेकर काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा से भारत और कुवैत के रिश्तों में मज़बूती आई है तो वही दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया और द्विपक्षीय सहयोग एवं विकास के एक नए युग की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पीएमओ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा था, "कुवैत की ऐतिहासिक यात्रा संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।"
बताते चले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर कुवैत पहुंचे थे। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस खाड़ी देश की पहली यात्रा थी। पीएम मोदी को कुवैत दौरे के दूसरे दिन वहां के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से भी सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री से पहले यह सम्मान बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश को दिया जा चुका है।पीएम मोदी की ऐतिहासिक दो दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और कुवैत ने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाने पर सहमति जताई और रविवार को रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नियमित बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
रक्षा को रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण घटक स्वीकार करते हुए दोनों देशों का कहना है कि समझौता ज्ञापन द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए आवश्यक रूपरेखा प्रदान करेगा। इसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा कर्मियों का प्रशिक्षण, तटीय रक्षा, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उपकरणों का संयुक्त विकास तथा उत्पादन शामिल है।दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की "स्पष्ट रूप से निंदा" की और आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों नेटवर्क और सुरक्षित पनाहगाहों को बाधित करने तथा आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी की यात्रा की समाप्ति पर जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि सुरक्षा के क्षेत्र में मौजूदा द्विपक्षीय सहयोग की सराहना करते हुए "दोनों पक्षों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, सूचना और खुफिया जानकारी साझा करने, अनुभवों के विकास और आदान-प्रदान, सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों, क्षमता निर्माण और कानून प्रवर्तन, मनी-लॉन्ड्रिंग, नशीली दवाओं की तस्करी रोकने आदि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।"
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