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बिहार में चुनाव से पहले NDA में शुरू हुई प्रेशर पॉलिटिक्स, जीतन राम मांझी ने सामने रखी अपनी मांग

विपक्ष की इंडिया गठबंधन में शामिल आरजेडी और कांग्रेस के बीच आपसी मनमुटाव की खबरें सामने आ रही थी अब ऐसा ही कुछ मामला सत्तारूढ़ NDA से भी सामने आने लगा है. जहां केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चुनाव से पहले गठबंधन नेतृत्व के सामने ऐसी मांग रख दी है.

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बिहार में इस साल विधानसभा के चुनाव होने है. उससे पहले नेताओं के बीच चल रही जुबानीजंग के चलते सियासी सरगर्मी भी बढ़ने लगी है. अभी तक विपक्ष की इंडिया गठबंधन में शामिल आरजेडी और कांग्रेस के बीच आपसी मनमुटाव की खबरें सामने आ रही थी अब ऐसा ही कुछ मामला सत्तारूढ़ NDA से भी सामने आने लगा है. जहां केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चुनाव से पहले गठबंधन नेतृत्व के सामने ऐसी मांग रख दी है. जिसने बिहार की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दिया है. 


दरअसल, बिहार में चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन भाले ही इस बात का ऐलान कर दिया हो कि चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व में लड़ जाएगा लेकिन ये सबकुछ इतना आसान नहीं दिखाई दे रहा है. रविवार को केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने चुनाव में 40 सीटों की मांग रख दी है. उन्होंने कहा हम अपनी पार्टी के 20 विधायक बिहार में चाहते है. और इसके लिए 35-40 सीटों पर चुनाव लड़ना जरूरी है. इतना ही नहीं मांझी ने तो जिला 20 सूत्री कमेटी में उनकी पार्टी की उपेक्षा किए जाने पर भी अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा इस सूत्री कमेटी में हमारी पार्टी को जगह देनी चाहिए थी. उन्होंने आगे यह आरोप भी लगाया कि प्रखंड स्तर पर भी 20 सूत्री समिति के गठन में बीजेपी और जदयू ने आपस में सीटें बांट लीं. हमने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जदयू कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से बात करके यह पूछा है कि हमलोग की पार्टी को  एनडीए का हिस्सा मान रहे हैं या नहीं.


NDA में मांझी ने रखी अपनी मांग 

केंद्रीय मंत्री मांझी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने अपनी पार्टी के लिए गठबंधन का नेतृत्व कर रहे बड़े नेताओं के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से 35-40 सीटों की मांग कर रहे है. हालांकि, पार्टी में इसको लेकर अभी कोई पक्का निर्णय नहीं हुआ है. वही जब मांझी से पत्रकारों ने यह सवाल किया कि अगर उनको मन मुताबिक़ सीट नहीं मिली तो अगला क़दम क्या होगा, इस उन्होंने जवाब दिया कि 'क्यों नहीं मिलेगी? हम हर हाल में एनडीए के साथ हैं और पूरी मजबूती से गठबंधन का समर्थन करेंगे.' इसके अलावा मांझी ने इस बात को लेकर भी भरोसा जताया कि जैसे लोकसभा चुनाव के दौरान हमारी पार्टी को सम्मान मिला था वैसा ही सम्मान विधानसभा चुनाव के दौरान भी देखने को मिलेगा. पार्टी आने वाले दिनों में 'हम सेना' का गठन करने जा रही है. जो जनधार बढ़ाने पर ज़ोर देगी.  


बताते चले कि बिहार विधानसभा के चुनाव के लिए छह महीने का समय बचा है. इस चुनाव में भले ही सीधी लड़ाई सत्तारूढ़ NDA और विपक्ष की इंडिया गठबंधन के बीच हो लेकिन वर्तमान स्थिति और दोनों गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के बयान ये संकेत जरूर दें रहे है कि आने वाले समय में चुनाव से पहले स्थिति कुछ बदल भी सकती है. 
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