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Meloni के फैसले के समर्थन में उतरीं Preity Zinta ने कर दी Modi से बड़ी मांग !

Italy की PM Giorgia Meloni की सरकार ने दुष्कर्म को अंजाम देने वालों को सबक सिखाने के लिए बनाया तगड़ा कानून तो प्रीति जिंटा ने भी किया समर्थन और मोदी सरकार से कर दी बड़ी मांग !

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निर्भया गैंगरेप केस। इमराना रेप केस। भंवरी देवी गैंगरेप केस। प्रियदर्शिनी मट्टू रेप केस। ऐसी ना जाने कितनी वारदात हैं जो मीडिया कि सुर्खियों में आईं। जिस पर देश में चर्चा हुई। और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती वारदात को देखते हुए सख्त कानून भी बनाए गये लेकिन इसके बावजूद महिलाओं के खिलाफ अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आज भी देश में हर दिन 86 रेप की वारदात होती हैं। और हर घंटे तीन महिलाएं रेप की शिकार होती हैं। महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ती रेप की घटनाओं के बीच बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के फैसले की जमकर तारीफ की और मोदी सरकार से भी इटली जैसा सख्त कानून भारत में लागू करने की मांग कर दी है।


दरअसल यूरोपीय देश इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी खुद एक महिला हैं। इसीलिये महिलाओं के खिलाफ बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दोषियों को तगड़ा सबक सिखाने के लिए एक ऐसा कानून लेकर आईं हैं। जिसे जान कर बलात्कारियों की रूह कांप जाए। क्योंकि इटली में अब महिलाओं के साथ बलात्कार करने वालों को ना फांसी मिलेगी। ना जेल मिलेगी। सीधे उनका रासायनिक बधियाकरण होगा। यानि उन्हें नपुंसक बना दिया जाएगा। जिससे वो फिर कभी किसी महिला के साथ रेप जैसी वारदात को अंजाम देने के लायक ही ना रहें। इटली में ऐसा सख्त कानून देख कर बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने भारत में भी मोदी सरकार से रेप के दोषियों के खिलाफ इसी तरह के सख्त कानून की मांग की है।और एक ट्वीट में मोदी सरकार को टैग करते हुए लिखा।"क्या शानदार कदम है! उम्मीद है कि भारत सरकार को भी ऐसा करना चाहिए, आप लोग क्या सोचते हैं? इस तरह के अपराध को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता"

प्रीति जिंटा ने इटली के कानून का समर्थन करते हुए लोगों से जब पूछा कि क्या इसी तरह का सख्त कानून क्या भारत में भी होना चाहिए। तो सोशल मीडिया पर अंशुमान सिंह बघेल नाम के एक यूजर ने लिखा। "इटली की ओर से यह अच्छी बात है, लेकिन भारत में इसे लागू करना कठिन होगा क्योंकि आमतौर पर ये सत्तारूढ़ पार्टी से होते हैं, वे अपराध से पहले या बाद में शामिल होते हैं"

राहुल सिंह शेखावत नाम के एक यूजर ने तो प्रीति जिंटा को चुनाव लड़ने की सलाह दे डाली।

अंशुल गर्ग नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने तो लिखा। "यह अच्छी बात है लेकिन साथ ही इस कानून का दुरुपयोग करने वाली महिलाओं से पुरुषों की रक्षा कौन करेगा? मुझे लगता है कि हमें दोनों पक्षों के बारे में सोचना होगा, पुरुष भी इंसान हैं और सभी पुरुष गलत नहीं होते"

अशरफ इशरान नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने तो लिखा। "यह बहुत क्रूर सजा है, सजा होनी चाहिए लेकिन इतनी क्रूर नहीं"

प्रीति जिंटा ने इटली की तरह भारत में भी रेप के दोषियों के बधियाकरण जैसे सख्त कानून की मांग की तो सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह के रिएक्शन आए। किसी ने इसका समर्थन किया तो किसी ने इसे बहुत ही सख्त कानून बता कर इसका विरोध किया.। तो वहीं भारत में बढ़ती रेप की घटनाओं के बारे में बात करें तो। ऐसी वारदात को रोकने के लिए भारत में सख्त कानून तो है लेकिन इसके बावजूद आंकड़े डराते हैं। क्योंकि केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानि NCRB के आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर बीस मिनट में एक महिला रेप की शिकार होती है। यहां तक कि रेप के मामलों में सौ में से 27 आरोपियों को ही सजा होती है बाकी बरी हो जाते हैं। ऐसे में क्या आपको भी लगता है कि इटली की तरह भारत में भी रेप के दोषियों को नपुंसक बनाने जैसा सख्त कानून लागू होना चाहिए।
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