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छात्रों को उकसाने के आरोप में घिरे प्रशांत किशोर, पुलिस ने किया मुक़दमा दर्ज
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती सहित 21 लोगों के खिलाफ पटना के गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर छात्रों को उकसाने और हंगामा कराने का आरोप है।
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बिहार में इन दिनो बीपीएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। रविवार को छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वही अब इस मामले में पुलिस ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती सहित 21 लोगों के खिलाफ पटना के गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर छात्रों को उकसाने और हंगामा कराने का आरोप है। प्राथमिकी में 21 नामजद और 600 से 700 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
दरअसल, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70 वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर रविवार को सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना के गांधी मैदान स्थित बापू की प्रतिमा के समक्ष इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को गांधी मैदान में छात्र संसद लगाने का आह्वान किया था। इस प्रदर्शन में जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर भी शामिल हुए थे। इसके बाद अभ्यर्थियों का हुजूम प्रशांत किशोर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने की मांग को लेकर गांधी मैदान से कूच कर गया। इससे पहले छात्र आगे बढ़ते, उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोक दिया गया। जिला प्रशासन ने छात्रों से बातचीत की पेशकश की, लेकिन इसे छात्रों ने ठुकरा दिया था।
अधिकारियों के मुताबिक, "प्रदर्शनकारियों द्वारा जेपी गोलंबर तक बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया तथा सड़क जाम कर दिया गया। वहां मुस्तैद दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का–मुक्की भी की गई। साथ ही इन लोगों के द्वारा भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा लगाए गए लाउड स्पीकर को भी क्षतिग्रस्त किया गया। प्रशासन द्वारा बार–बार अनुरोध के बाद भी इन लोगों के द्वारा प्रशासन के दिशा–निदेशों का उल्लंघन करते हुए लोक व्यवस्था भंग किया गया।" कहा गया कि जन सुराज के नेता जब भीड़ बेक़ाबू हो गई तो जेपी गोलंबर के पास भीड़ को छोड़ कर निकल गए। उन लोगों के द्वारा मुख्य सचिव को ज्ञापन देने के लिए पांच लोगों का डेलीगेशन भेजने की बात की गई, लेकिन आपसी सहमति नहीं बनने के कारण लोगों का नाम भी नहीं दिया गया। प्रदर्शन पर अड़े छात्रों को रोकने के लिए पहले उन पर वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और हल्का बल प्रयोग कर इन्हें हटाया गया तथा स्थिति को सामान्य किया गया।
अधिकारी ने बताया कि अनधिकृत रूप से भीड़ को इकट्ठा करने, लोगों को उकसाने तथा विधि–व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने के आरोप में 21 नामजद एवं 600 से 700 अज्ञात लोगों के विरुद्ध गांधी मैदान थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि बीपीएससी परीक्षा के हालिया आयोजन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्र लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।
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