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प्रशांत किशोर को छात्र संसद करने की नहीं मिली अनुमति, प्रशासन ने रद्द की जन सुराज की मांग

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर धरना पर बैठे अभ्यर्थियों से शनिवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर मिले। इस दौरान उन्होंने गांधी मैदान में 'छात्र संसद' आयोजित करने की घोषणा की। लेक‍िन पटना जिला प्रशासन ने छात्र संसद की अनुमति नहीं दी।

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बिहार में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। इसको लेकर तमाम विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर है। इसी क्रम में बीपीएससी के प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले ने इन दलों को बड़ा मौक़ा दे दिया है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर धरना पर बैठे अभ्यर्थियों से शनिवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर मिले। इस दौरान उन्होंने गांधी मैदान में 'छात्र संसद' आयोजित करने की घोषणा की। लेक‍िन पटना जिला प्रशासन ने छात्र संसद की अनुमति नहीं दी। 


दरअसल, पटना जिला प्रशासन की ओर से जन सुराज पार्टी को जारी पत्र में कहा गया है कि गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के समक्ष किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाती है।पत्र में आगे कहा गया है कि गांधी मैदान में किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय से विभिन्न विभागों / थाना से अनापत्ति प्राप्त कर दी जाती है। इसके लिए न्यूनतम 45 दिन पूर्व आवेदन दिया जाना जरूरी है।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में गांधी मैदान में डिज्नीलैंड मेला एवं कश्मीरी ऊलेन मेला का आयोजन हो रहा है। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा बागवानी महोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। साथ ही सरस मेला समाप्ति के उपरांत अस्थायी संरचना को हटाए जाने का कार्य चल रहा है। इस कारण गांधी मैदान में पर्याप्त खाली स्थान उपलब्ध नहीं है।इसलिए, इतने कम समय की सूचना पर छात्र संसद के आयोजन की अनुमति और अन्य सहयोग प्रदान करना संभव नहीं है।


बता दें कि बीपीएससी की 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर धरना पर बैठे अभ्यर्थियों से मिलने शनिवार को जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहुंचे। उन्होंने रविवार को गांधी मैदान में 'छात्र संसद' आयोजित करने की घोषणा भी की। धरना पर बैठे छात्रों से मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल एक बीपीएससी की परीक्षा का मामला नहीं है, बिहार में होने वाली लगभग हर परीक्षा को गड़बड़ी, भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है। इसे समाप्त करना आवश्यक है। बिहार की हर परीक्षा, हर छात्र की आवाज है। जब तक इन परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों का समाधान नहीं होगा, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
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