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CM नीतीश के खिलाफ पटना में पोस्टर वार, कहा -'ईद पर टोपी- वक्फ पर धोखा'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। वक्फ बिल के मुद्दे पर बीजेपी का समर्थन को लेकर राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए पोस्टर वॉर शुरू कर दिया है।
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लोकसभा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर अब राज्यसभा की मुहर लग चुकी है। अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल कानून के रूप में बदल जाएगा। इसको लेकर देश की सियासत गर्म है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने इसे और संवैधानिक करार देते हुए इसका विरोध किया तो वही चुनावी राज्य बिहार में इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। वक्फ बिल के मुद्दे पर बीजेपी का समर्थन को लेकर राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए पोस्टर वॉर शुरू कर दिया है।
पोस्टर में क्या लिखा ?
दरअसल, बिहार में नीतीश कुमार की पहचान एक सेक्यूलर नेता के तौर पर रही है लेकिन उनकी पार्टी ने जब इस मुद्दे पर संसद में भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दिया तो नीतीश कुमार की पार्टी में ही बगावत के शुरू हो गई। इस बीच राजद ने भी नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला है। बिहार की राजधानी पटना में राजद नेता आरिफ जिलानी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के घर के सामने एक पोस्टर लगाया है। इस पोस्ट में लिखे शब्दों के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया गया है। इसमें सीएम नीतीश को नमाजी टोपी पहने और संघ के पोशाक पहने दिखाया गया है। वही इसके साथ इसमें लिखा गया है "गिरगिट रंग बदलता था, ये तो उससे भी ज्यादा स्पीड से रंग बदलने वाले निकले। इफ्तार दे कर ठगने वाले ईद में टोपी पहनकर टोपी पहनाने वाले वक्फ पर धोखा दिया। NRC पर भी वही किया। अब जनता चुनाव में सबक सिखाएगी।"
पोस्टर के जरिए संदेश देने की कोशिश
आरजेडी नेता ने इस पोस्टर के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई कि नीतीश कुमार ने जिस तरह से वक्फ के मुद्दे पर बीजेपी का साथ दिया है। बिहार की जनता और खासतौर पर मुस्लिम समाज इस याद रखेगा और चुनाव में इसका जवाब देगा। आरजेडी नेता ने यह बताने की कोशिश किया है कि नीतीश कुमार अब आरएसएस के रंग में रंगे हुए है।
गौरतलब है कि लोकसभा में इस बिल के पास होने के बाद से ही बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने असंतोष जाहिर किया है। बताते चले कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव है। ऐसे में सेक्युलर छवि वाले नीतीश कुमार के इस कदम पर विपक्ष उन्हें घेरने का प्रयास कर रहा है। ताकि इसका सीधा लाभ चुनाव में मिल सके।
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