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दिल्ली चुनाव से पहले रोहिंग्या पर राजनीति गरमाई, सीएम आतिशी की गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी

सीएम आतिशी ने गृह मंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी में दावा किया केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साल 2022 में स्वीकार किया कि रोहिंग्या को केंद्र सरकार ने बसाया। क्या केंद्र सरकार इंडो बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा करने में विफल रही है?

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नई दिल्ली, 15 दिसंबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी। जिसमें उन्होंने दिल्ली में रोहिंग्याओं को बसाने का मुद्दा उठाया। सीएम आतिशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी जानकारी के दिल्ली में बड़ी संख्या में अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाया। दिल्ली सरकार और जनता को इस मामले से पूरी तरह अनजान रखा गया। 

सीएम आतिशी ने गृह मंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी में दावा किया केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साल 2022 में स्वीकार किया कि रोहिंग्या को केंद्र सरकार ने बसाया। क्या केंद्र सरकार इंडो बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा करने में विफल रही है?

सीएम आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '' गृहमंत्री अमित शाह केंद्र सरकार ने बिना किसी जानकारी के दिल्ली में बड़ी संख्या में अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाया, जबकि दिल्ली सरकार और जनता को इस मामले से पूरी तरह अनजान रखा गया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट भी इस बात को साफ करते है कि कैसे जानबूझकर भाजपा शासित केंद्र सरकार द्वारा रोहिंग्याओं को दिल्ली में बसाया गया और बक्करवाला के ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, जो दिल्ली के गरीबों के लिए थे, उसमें रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाकर दिल्ली के लोगों से उनका हक छीना गया।''

उन्होंने आगे एक्स पोस्ट में लिखा, ''केंद्र सरकार के इस कदम से न केवल दिल्ली की कानून-व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि शहर के सीमित संसाधनों पर भी दबाव बढ़ेगा। ऐसे में दिल्ली के लोग मांग करते हैं, पहला- बिना दिल्ली सरकार और जनता की अनुमति के किसी भी अवैध शरणार्थी को दिल्ली में न बसाया जाए। दूसरा- केंद्र सरकार द्वारा बसाए गए सभी रोहिंग्या शरणार्थियों की लिस्ट और पते की जानकारी दिल्ली सरकार, उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस को दी जाए।''

इससे पहले शनिवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कानून-व्यवस्था को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को खत लिखा था। उन्होंने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए गृह मंत्री से मिलने का समय मांगा था।

Input: IANS

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