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बिहार में फिर बढ़ेगा सियासी पारा, प्रशांत किशोर शुरू करेंगे भूख हड़ताल

प्रशांत किशोर ने यह फैसला 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले अभ्यार्थियों के बीच बढ़ती अशांति के बाद लिया है।

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बिहार में विधानसभा का चुनाव होने में कुछ ही महीने का समय बचा है। ऐसे में लगभग दो दशक से सत्ता की कुर्सी पर विराजमान नीतीश कुमार को घेरने के लिए लिए विपक्षी पार्टी कोई भी मौक़ा नहीं छोड़ना चाहती। ताज़ा मामला बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज कोलेकर सूबे की सियासत गरम है। इसको लेकर एक तरफ़ कभी नीतीश कुमार की सरकार में सहयोगी रहे आरजेडी या फिर आगामी विधानसभा चुनाव से पहली बार अपनी पार्टी बनाकर कूदने वाले प्रशांत किशोर सभी बिहार सरकार और अभ्यर्थियों के साथ लाठीचार्ज को लेकर अपना विरोध जाता रहे है। अब प्रशांत किशोर ने अभ्यर्थियों से साथ न्याय की माँग को लेकर बड़ी शुरुआत करने जा रहे है। 


दरअसल, लाठीचार्ज की घटना के बाद बिहार पुलिस ने अभियर्थियों को उकसाने के मामले में प्रशांत किशोर पर मुक़दमा दर्ज किया था। उसके बाद अब एक बार फिर से जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के अभ्यर्थियों की चिंताओं का समाधान करने की मांग को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। दरअसल, प्रशांत किशोर ने यह फैसला 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले अभ्यार्थियों के बीच बढ़ती अशांति के बाद लिया है। इससे पहले किशोर ने बिहार सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उन छात्रों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया था, जो परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।


जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "अगर छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े होंगे।" 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था। इसके बाद बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर में फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया। दूसरी तरफ छात्र पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे।


बताते चले कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में छात्र संसद का आयोजन किया गया था। इसके लिए लिए प्रशासन ने उनको अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद छात्र मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। पुलिस ने लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया था। पुलिस ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन के बाद किशोर सहित 700 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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