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'महिलाओं को बचाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया...', बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के आरोपों पर बंगाल पुलिस का जवाब, जानें पूरा मामला
घटना की कथित वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 'कृष्णानगर में जगद्धात्री पूजा के दौरान विसर्जन के समय, कोतवाली थाने के प्रभारी निरीक्षक अमलेंदु बिस्वास के मुंह से निकली भाषा, हिंदुओं पर अन्यायपूर्ण अत्याचार करते हुए, यह दर्शाती है कि ममता बनर्जी का पुलिस प्रशासन हिंदुओं को किस नजर से देखता है.'
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रविवार को पुलिस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) और वरिष्ठ बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को जवाब दिया है, जिसके एक दिन पहले उन्होंने कोतवाली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इंचार्ज पर नादिया जिले के कृष्णानगर में जगद्धात्री पूजा के विसर्जन में भाग लेने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था. शनिवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर नेता प्रतिपक्ष अधिकारी ने एक पुलिसकर्मी पर लोगों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया था.
घटना की कथित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की
घटना की कथित वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 'कृष्णानगर में जगद्धात्री पूजा के दौरान विसर्जन के समय, कोतवाली थाने के प्रभारी निरीक्षक अमलेंदु बिस्वास के मुंह से निकली भाषा, हिंदुओं पर अन्यायपूर्ण अत्याचार करते हुए, यह दर्शाती है कि ममता बनर्जी का पुलिस प्रशासन हिंदुओं को किस नजर से देखता है.'
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कानून-व्यवस्था विफल रहने का आरोप लगाया
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बीजेपी नेता ने पुलिस पर विसर्जन प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया, जबकि इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई थीं. वहीं नेता प्रतिपक्ष अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए कृष्णानगर जिला पुलिस ने बिना बीजेपी नेता का नाम लिए एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. घटना पर टिप्पणी करते हुए पुलिस ने यह भी कहा कि घटना को सांप्रदायिक रंग देना अनुचित है और नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को भी खारिज कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
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बता दें कि कृष्णानगर जिला पुलिस ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा कि '31 अक्टूबर, 2025 को कृष्णानगर में जगद्धात्री पूजा का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं हुई. 2 दिवसीय जुलूस में 200 से अधिक मूर्तियां शामिल हुईं. गड़बड़ी की एकमात्र घटना कदमतला घाट पर हुई, जहां चोकरपारा क्लब के सदस्यों ने कथित तौर पर महिला पुलिसकर्मियों को परेशान करने और उन पर हमला करने की कोशिश की.'
पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया
पुलिस ने यह भी कहा कि 'स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए, पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया. बता दें कि इससे पूर्व में भी चोकरपारा क्लब के विसर्जन जुलूसों के दौरान हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं. पुलिस ने यह भी बताया कि कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है.
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महिला पुलिसकर्मियों को परेशान करने की कोशिश
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पुलिस ने बताया कि 'दो दिवसीय जुलूस में 200 से अधिक मूर्तियां शामिल हुईं. गड़बड़ी की एकमात्र घटना कदमतला घाट पर हुई, जहां चोकरपारा क्लब के सदस्यों ने कथित तौर पर महिला पुलिसकर्मियों को परेशान करने और उन पर हमला करने की कोशिश की. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया.