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कुलगाम में पुलिस की व्यापक कार्रवाई, जमात-ए-इस्लामी से जुड़े कई ठिकाने निशाने पर
भारत सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधि करने के आरोप में यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट) के तहत फरवरी 2019 में ही जमात-ए-इस्लामी को बैन कर दिया था. इसके बावजूद संगठन से जुड़े कुछ लोग अभी भी गुप्त रूप से सक्रिय बताए जा रहे हैं.
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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार की सुबह से पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है. कुलगाम पुलिस की कई टीमों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापे मारे और उन ठिकानों की तलाशी ली, जो प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े हुए हैं.
2019 से संगठन पर प्रतिबंध
भारत सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधि करने के आरोप में यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट) के तहत फरवरी 2019 में ही जमात-ए-इस्लामी को बैन कर दिया था. इसके बावजूद संगठन से जुड़े कुछ लोग अभी भी गुप्त रूप से सक्रिय बताए जा रहे हैं.
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त
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पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की. सुबह से ही कई घरों और संदिग्ध जगहों पर दबिश दी गई. तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान मिला, जिसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, किताबें, पर्चे और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि ये सभी चीजें आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों या संगठन को चलाने में इस्तेमाल हो रही थीं. बरामद सामान को मौके पर ही जब्त कर लिया गया है. इनकी गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि ये लोग क्या योजना बना रहे थे और इनके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं.
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पुलिस का तलाशी अभियान जारी
कुलगाम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभियान अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई हो सकती है. उनका कहना था, “हम जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद और अलगाववाद से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं है.”
स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का स्वागत किया
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स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे इलाके में अमन-चैन बना रहेगा और युवा गलत रास्ते पर जाने से बचेंगे. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें.