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पुलिस एफआईआर ऐसे नहीं करती है, उनके पास सबूत होंगे तभी एफआईआर की है - रवि किशन

Sambhal Violence: हजारों लोगों की भीड़ मोहल्ले में जुट गई। उन्हें इतने ईंट-पथर, बंदूक, तलवार किसने मुहैया करवाई, हमले का प्लान किसने किया, कब से साजिश रची जा रही थी यह जांच का विषय है।

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Sambhal Violence: लोकसभा सांसद और भोजपुरी एक्टर रवि किशन ने बुधवार को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के संभल में हुई घटना पर बयान दिया है। रवि किशन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि संभल की घटना योजनाबद्ध थी। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के नेता जवाबदेही बने। कोर्ट के आदेश पर एक जांच एजेंसी वहां जा रही थी।आइए जानते है इस खबर को विस्तार से .....

पुलिस एफआईआर ऐसे नहीं करती है, उनके पास सबूत होंगे तभी एफआईआर की है - रवि किशन 

हजारों लोगों की भीड़ मोहल्ले में जुट गई। उन्हें इतने ईंट-पथर, बंदूक, तलवार किसने मुहैया करवाई, हमले का प्लान किसने किया, कब से साजिश रची जा रही थी यह जांच का विषय है। उन्होंने आगे कहा कि मैं मुस्लिम समुदाय के लोगों से कहना चाहता हूं कि आप तो पीछे रहते हैं आप अपने बच्चों के समुदाय को आगे ना करें। यही कश्मीर में होता रहा है। आप लोग कृपया संभल को कश्मीर का रूप ना दिलवाएं। यह लोकतंत्र में अच्छा नहीं है। भाजपा नेता ने आगे कहा कि संभल में मुस्लिम समुदाय का हमला था। वहां उनके बच्चे थे। पुलिस सामने खड़ी थी वो भी किसी के बच्चे थे वो भी तो माता-पिता हैं। जो तथ्य होंगे उसी पर कार्रवाई होगी। पुलिस एफआईआर ऐसे नहीं करती है, उनके पास सबूत होंगे तभी एफआईआर की है। यह बहुत गंभीर और संवेदनशील मामला है। बता दें कि संभल में उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा हो गई थी। इस दौरान पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई थी।

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24 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है

हिंसा के बाद से पुलिस पत्थरबाजों और उपद्रवियों की तलाश कर रही है। 24 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बवाल में शामिल लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। प्रशासन की तरफ से पहले ही इनके पोस्टर लगाने की बात कही जा चुकी है। ज्ञात हो कि संभल में मस्जिद पर सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद बुधवार को जनजीवन सामान्य होने लगा है। स्कूल खुल गए हैं और जरूरी सामान बेचने वाली कई दुकानें भी खुल गई हैं, हालांकि जिले में इंटरनेट सेवाएं अभी भी निलंबित हैं। प्रशासन ने हिंसा के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी है। पुलिस ने मुख्य चौराहों पर बल तैनात किया है और रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है। 

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