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वाराणसी गैंगरेप में पीएम की सख्ती, बड़े पुलिस अधिकारी पर एक्शन

वाराणसी गैंगरेप मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है. सोमवार देर रात डीसीपी वरुणा चंद्रकांत मीणा को हटा दिया गया. डीसीपी को डीजीपी ऑफिस अटैच कर दिया गया है.

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वाराणसी में एक 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई. पीएम मोदी ने इस पूरे मामले पर काशी के बड़े-बड़े अफसरों से बातचीत कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली थी और अफसरों को सख्त निर्देश दिए गए थे. जिसके बाद इस मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है.  सोमवार देर रात डीसीपी वरुणा चंद्रकांत मीणा को हटा दिया गया. डीसीपी को डीजीपी ऑफिस अटैच कर दिया गया है. 

दरअसल, पीएम मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी दौरे पर थे जब उन्होंने गैंगरेप मामले में की गई कार्रवाई को लेकर पूरी जानकारी ली थी और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि इस पूरे मामले पर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.  अब इस मामले में एक्शन लिया गया. DCP वरुणा जोन च्रंद्रकांत मीणा को हटा दिया गया है. माना जा रहा है कि शुरुआती जांच में उनके यहां से लापरवाही हुई जिसको लेकर ये कार्रवाई की गई. DCP ने पहले ही दिन मामले में कठोर कदम नहीं उठाए. न ही लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी और दरोगा के खिलाफ कोई रिपोर्ट दी. इससे आलाधिकारी उनसे नाराज थे. जिसके बाद यह एक्शन लिया गया है. अभी अन्य अफसरों पर भी गाज गिर सकती है. अब ये पीएम मोदी की सख्ती का ही असर है कि लापरवाही बरतने पर डीसीपी को हटाया गया.


धर्म नगरी वाराणसी उस वक्त शर्मसार हो गई जब एक 18  साल की लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया.  इस लड़की के साथ एक नहीं, दो नहीं बल्कि 23 लोगों ने 6 दिनों तक गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. 6 दिनों तक लड़की को अपनी गिरफ्त में रखा और नशा देकर उसके साथ वाराणसी के अलग अलग इलाकों में बर्बता की गई. 18 साल की युवती ग्रेजुएशन की छात्रा और एथलीट है. युवती 29 मार्च को काम से घर से निकली फिर 4 अप्रैल को घर पहुंची. युवती का कहना है कि उसे नशा दिया गया. फिर 6 दिनों तक 23 लोगों ने उसके साथ रेप किया. कभी कैफे में ले जाकर, कभी होटल में तो कभी गोदाम पर इस घटना को अंजाम दिया जाता रहा. 6 दिनों तक लगातार अलग-अलग लोगों ने युवती के साथ बर्बरता की. बिल्कुल ये खबर सुनकर जितने हैरान आप है ये खबर पढ़ते हुए मुझे भई उतनी ही हैरानी हो रही है. आरोपियों ने लड़की का फोन तक छीन लिया था जिससे वो किसी की मदद नहीं ले सकी लड़की की मां ने शिकायत में पुलिस को जो बताया वो किसी को भी झकझोर कर रख सकता है. युवती कि मां ने बताया कि  "4 अप्रैल को जब बेटी घर आई, तो बहुत डरी हुई थी.  जब उसे समझाकर पूछा तो उसने पूरी कहानी बताई. ये लोग मेरी बेटी को शहर से कहीं दूर ले गए थे. उसके कई वीडियो बनाएं और वायरल करने की धमकी भी दी. बेटी ने बताया कि 29 मार्च को काम खत्म करने के बाद शाम को जब वह घर लौट रही थी. तभी रास्ते में उसका दोस्त राज विश्वकर्मा मिल गया. वह उसे घुमाने ले गया. और उसके बाद उनकी बेटी कई दिनों तक घर नहीं लौटी.


केस की टाइमलाइन!

29 मार्च- पीड़ित युवती काम से लौट रही थी ,तभी रास्ते में उसे उसका दोस्त राज मिलता है. राज उसे एक कैफे में ले जाकर दुष्कर्म करता है.
30 मार्च- समीर नाम का लड़का अपने दोस्त के साथ बाईक पर आता है और युवती को उठाकर हाई-वे ले जाते हैं और दुष्कर्म को अंजाम देते हैं. जिसके बाद लड़की को वाराणसी के दूसरे इलाके में छोड़ जाते हैं.
31 मार्च- आयुष नाम का लड़का अपने पांच दोस्तों के साथ वहां पहुंचता है और युवती को होटल ले जाते हैं. उसके बाद लड़की को नशा देकर सभी एक एक कर दुष्कर्म को अंजाम देते हैं.
1 अप्रैल- को साजिद अपने एक अन्य दोस्त के साथ लड़की से मिला और मदद कि बात कहकर एक दूसरे होटल ले गया जहां मौजूद एक व्यक्ति ने रेप किया और होटल से बाहर कर दिया. जिसके बाद साजिद अपने दो दोस्तों के साथ फिर आया और लड़की को एक गोदाम में ले गया जहां फिर इसके
साथ रेप हुआ. वारदात को अंजाम देने के बाद साजिद लड़की को किसी अनजान जगह छोड़ कर फरार हो गया.
2 अप्रैल - लड़की एक मॉल के पास पाई गई जहां से राज खान नाम का लड़का अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे घर की छत पर ले गया और नशा देकर लड़की के साथ गलत काम किया और बाद में अस्सी घाट पर छोड़ गया.
3 अप्रैल- लड़की जैसे तैसे अपनी दोस्त के घर गई और नशे के कारण वहीं सो गई. 
4 अप्रैल - लड़की अपने घर वापस पहुंची और आपबीती सुनाई. पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई.

घर लौटी युवती ने पूरी कहानी बताई तो घर वाले सदमे में आ गए. युवती की मां ने पुलिस में शिकायत कि और जल्द से जल्द बेटी को इंसाफ देने की मांग की थी. फिलहाल अबतक की कार्रवाई में पुलिस ने 23 में से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 10 की पहचान हो चुकी है. उनकी तलाश जारी है. जल्द ही मामले में चार्जशीट दायर की जाएगी. बहरहाल ये कहना गलत नहीं होगा कि अब ये पीएम मोदी की सख्ती का ही असर है कि लापरवाही बरतने पर डीसीपी को हटाया गया.
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