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पीएम सूर्य घर योजना: सौर छत क्षमता में 50% से अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि

द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक 'पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' को लेकर नए आंकड़े जारी हुए हैं। एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के शुरू होने के मात्र छह महीनों में ही 'सौर छत क्षमता' (सोलर रूफटॉप कैपेसिटी) में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है।

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केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' को लेकर नए आंकड़े जारी हुए हैं। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के शुरू होने के केवल छह महीनों में ही 'सौर छत क्षमता' (सोलर रूफटॉप कैपेसिटी) में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है। यह न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
योजना का उद्देश्य और महत्व
'पीएम सूर्य घर योजना' का लक्ष्य देश में सौर ऊर्जा की उपलब्धता को बढ़ाना और लोगों को अपनी बिजली उत्पन्न करने में सक्षम बनाना है। यह योजना 29 फरवरी को 75,021 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ मंजूरी दी गई थी। इस योजना के तहत आवासीय घरों को सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे न केवल उनके बिजली के बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण को भी लाभ होगा।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने हाल ही में कहा कि इस योजना के तहत अब तक लगभग 4 लाख 'सौर छत कनेक्शन' स्थापित किए गए हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि लोग अब सौर ऊर्जा को एक विकल्प के रूप में अपनाने लगे हैं। छह महीनों में 1.8 गीगावॉट की नई आवासीय 'सौर छत क्षमता' की स्थापना हुई है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। जेएमके रिसर्च एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह भारत की कुल आवासीय 'सौर छत क्षमता' के आधे से अधिक है। मार्च तक, भारत में स्थापित आवासीय 'सौर छत क्षमता' लगभग 3.2 गीगावॉट थी, जो देश में स्थापित कुल इकाइयों का 27 प्रतिशत है। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि लोग नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूक हो रहे हैं और इसे अपनाने के लिए तत्पर हैं।

सरकार ने सौर छत इकाइयों को अपनाने के लिए कई प्रोत्साहनों की घोषणा की है। उदाहरण के लिए, सरकार ने सौर पैनलों के लिए सब्सिडी को 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, घरों को कम से कम 7% की ब्याज दर पर ऋण भी प्रदान किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक को सौर ऊर्जा का लाभ मिल सके।

इस योजना को लेकर सरकार का लक्ष्य 2027 तक आवासीय सौर क्षमता को 30 गीगावॉट तक बढ़ाना है। यह योजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही, यह योजना न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति लाएगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। सौर ऊर्जा का उपयोग करने के कई फायदे हैं। यह न केवल स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि यह बिजली के बिल को भी कम करता है। इसके अलावा, सौर ऊर्जा का उपयोग करके घरों को ऊर्जा स्वतंत्र बनाने में मदद मिलेगी। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है, जहां बिजली की पहुंच सीमित है।

'पीएम सूर्य घर योजना' का सामाजिक प्रभाव भी गहरा होगा। जब लोग सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे, तो इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के लोग, जो महंगी बिजली के लिए संघर्ष कर रहे हैं, को इस योजना से बड़ा लाभ होगा।

'पीएम सूर्य घर योजना' न केवल भारत की ऊर्जा नीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह हर नागरिक को सौर ऊर्जा का लाभ उठाने का अवसर भी देती है। इस योजना के माध्यम से, भारत एक सशक्त और स्थायी ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
Source -आईएएनएस
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