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PM मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ से चार बड़े फैसलों पर लगाई मुहर, युवाओं और महिलाओं के लिए है अहम
नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नया पता अब सेवा तीर्थ हो गया है. इस कार्यालय से पहले फैसले के तहत लखपति दीदी का लक्ष्य दोगुना कर 6 करोड़ किया गया है. PM RAHAT स्कीम के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा.
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देश की राजधानी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नया पता अब 'सेवा तीर्थ' हो गया है. नाम से ही साफ है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प का केंद्र बनने जा रहा है. इसी सेवा तीर्थ से जनहित में प्रधानमंत्री ने चार बड़े फैसलों को मंजूरी दी है. इसमें सबसे पहला फैसला लखपति दीदी के लक्ष्य को लेकर लिया गया है. इसके साथ ही अन्य फैसले जिसे मंज़ूरी दी गई है. उसका सीधा असर युवाओं, किसानों और वंचित वर्ग पर पड़ने वाला है.
सेवा तीर्थ से बदली कार्यशैली
दशकों से कई मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के अलग-अलग और पुराने भवनों से काम कर रहे थे. इससे विभागों के बीच तालमेल में परेशानी आती थी. मेंटेनेंस का खर्च बढ़ता था और काम की रफ्तार भी प्रभावित होती थी. अब सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए कॉम्प्लेक्स में डिजिटली इंटीग्रेटेड ऑफिस, सेंट्रलाइज़्ड रिसेप्शन और पब्लिक इंटरफेस ज़ोन तैयार किए गए हैं. इसका उद्देश्य प्रशासन को ज्यादा तेज, पारदर्शी और नागरिकों के करीब बनाना है.
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लखपति दीदी मिशन का नया लक्ष्य तय
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सरकार ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया है. अब नया लक्ष्य मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों का रखा गया है. यानी टारगेट दोगुना. यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई ऊंचाई देगा. जब घर की महिलाएं कमाने लगती हैं तो पूरे परिवार की स्थिति बदल जाती है.
PM RAHAT स्कीम से हर नागरिक को मिलेगी सुरक्षा
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सबसे पहले प्रधानमंत्री ने PM RAHAT स्कीम को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत सड़क या अन्य दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. कई बार देखा गया है कि समय पर इलाज न मिलने से जान चली जाती है. यह योजना ऐसे हालात में जीवन रक्षक साबित हो सकती है. सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी किसी की जान के रास्ते में बाधा न बने.
किसानों को दो लाख करोड़ का बल
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. इस फंड का मकसद वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट और सप्लाई चेन जैसी सुविधाओं को मजबूत करना है. इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और बर्बादी कम होगी. कृषि वैल्यू चेन को आधुनिक बनाकर गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
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स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0. युवाओं के सपनों को उड़ान
देश के इनोवेशन इकोसिस्टम को गति देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कॉर्पस के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी गई है. यह फंड खासकर डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती स्टेज के आइडिया को सपोर्ट करेगा. इससे युवाओं को नया बिजनेस शुरू करने में पूंजी की कमी महसूस नहीं होगी.
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बताते चलें कि सेवा तीर्थ से लिए गए ये चार फैसले साफ संकेत देते हैं कि सरकार का फोकस आम नागरिक की सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसान समृद्धि और युवा नवाचार पर है. प्रशासनिक बदलाव के साथ विकास की यह नई दिशा देश की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है.