Advertisement
Loading Ad...
पीएम मोदी रामनवमी पर जाएंगे रामेश्वरम, रामनाथस्वामी मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान वह नए पंबन ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे।
Advertisement
Loading Ad...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान वह नए पंबन ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे। इससे तमिलनाडु में रेल संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। नया पंबन ब्रिज ब्रिटिश काल के पुराने पंबन ब्रिज का स्थान लेगा, जो एक सदी से अधिक समय तक संचालित रहा। आधुनिक डिजाइन से युक्त इस नए पुल का 72.5 मीटर लंबा हिस्सा जहाजों के आवागमन के लिए ऊपर उठाया जा सकेगा, जिससे समुद्री नौवहन में सुगमता आएगी। 2.5 किलोमीटर लंबा यह पुल भूमि पर मंडपम और पंबन द्वीप पर रामेश्वरम के बीच रेल सम्पर्क को सुगम और बेहतर बनाएगा।
PM मोदी ने रखी थी आधारशिला
इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2019 में रखी थी, जिसके बाद फरवरी 2020 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। कोविड-19 महामारी के कारण इसमें देरी हुई, लेकिन अब इसे पूरा कर चालू करने की तैयारी है।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नवंबर 2024 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसे "भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल" करार दिया था।वैष्णव ने कहा था, "1914 में निर्मित पुराने पंबन रेल पुल ने 105 वर्षों तक मुख्य भूमि को रामेश्वरम से जोड़ा। दिसंबर 2022 में जंग लगने के कारण इसे बंद कर दिया गया, जिसने आधुनिक न्यू पंबन ब्रिज के लिए मार्ग प्रशस्त किया, जो कनेक्टिविटी के एक नए युग की शुरुआत करेगा!" कुल 2.5 किलोमीटर से अधिक लंबे इस पुल का निर्माण रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने 535 करोड़ रुपये की लागत से किया है।
दूसरी ओर, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी 6 अप्रैल को रामनवमी मनाने की घोषणा की है। ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने बताया कि 6 अप्रैल को सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक भगवान का अनुष्ठान स्नान होगा, जिसके बाद मंदिर के दरवाजे 11:40 बजे तक बंद रहेंगे। सुबह 11:45 बजे गर्भगृह के दरवाजे मूर्ति के श्रृंगार के लिए खुले रहेंगे, और प्रसाद चढ़ाने के बाद फिर बंद कर दिए जाएंगे।चंपत राय ने कहा कि दोपहर में भगवान राम के जन्म के अवसर पर आरती और सूर्य तिलक होगा, जिसमें सूर्य की किरणें मूर्ति के माथे को रौशन करेंगी। लगभग तीन से साढ़े तीन मिनट तक सूर्य की रोशनी को दर्पण और लेंस के संयोजन से मूर्ति के माथे पर केंद्रित किया जाएगा।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...