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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पीएम मोदी ने सरदार पटेल को किया नमन, जानिए क्या कहा

धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात के केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और एकता दिवस समारोह में भाग लिया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एकता और संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। गुजरात के केवड़िया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर सरदार पटेल की प्रतिमा के सामने प्रधानमंत्री ने एकता दिवस समारोह में भाग लिया और देशवासियों को एकता का संदेश दिया।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, "भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर नमन। राष्ट्र की एकता और संप्रभुता की रक्षा करना उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। उनका व्यक्तित्व और कार्य देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे।"
केवड़िया में एकता का उत्सव
गुजरात के केवड़िया में इस विशेष अवसर पर आयोजित परेड में प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों के जवानों और राज्य पुलिस बलों का निरीक्षण किया। इस परेड में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस, चार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), और एक विशेष बैंड की 16 मार्चिंग टुकड़ियां शामिल थीं। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि भारत की विविधता में एकता की भावना किस प्रकार हर भारतीय में समाहित है।

परेड में खास आकर्षण भारतीय वायु सेना के 'सूर्य किरण' एयर शो का प्रदर्शन था, जिसने आकाश में देश की एकता की झलक बिखेरी। इसके साथ ही, बीएसएफ और सीआरपीएफ के महिला और पुरुष बाइकर्स ने साहसिक शो प्रस्तुत किया।

सरदार पटेल भारत के ‘लौह पुरुष’ और एकता के प्रतीक

सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था। भारत के स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय रियासतों को एकजुट करने में उनकी अहम भूमिका ने उन्हें 'भारत के लौह पुरुष' के रूप में एक विशेष स्थान दिया। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों का भारत में विलय कर एक अखंड राष्ट्र का निर्माण किया। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक माना जाता है।

यह उनके इसी योगदान का परिणाम है कि 2014 से 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उनकी जन्मस्थली पर बने 182 मीटर ऊंचे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को उनकी महानता का प्रतीक मानकर दुनिया भर के लोग श्रद्धांजलि देने के लिए आते हैं।

सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाते हुए

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल की विचारधारा और उनके कार्य आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी को सरदार साहब के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र के प्रति एकता और अखंडता का संकल्प लेना चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने एकता दिवस परेड का हिस्सा बनने वाले सभी सैन्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों को एकता की शपथ दिलाई और कहा कि सरदार पटेल का दृष्टिकोण भारतीय समाज में एकजुटता का संचार करता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को सरदार पटेल के जीवन और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

इस कार्यक्रम में गुजरात पुलिस की 300 महिला पुलिसकर्मियों ने एक सांस्कृतिक नृत्य का प्रदर्शन किया। वहीं स्कूली बच्चों ने एक पाइप बैंड शो प्रस्तुत किया, जिससे राष्ट्रीय एकता का संदेश गूंज उठा। खासतौर पर 'हेल मार्च टुकड़ी' और बीएसएफ की भारतीय मार्शल आर्ट की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में हर क्षेत्र से सरदार पटेल के प्रति सम्मान का भाव उनकी एकता के संदेश की गहराई को दर्शाता है।

‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ सिर्फ एक समारोह नहीं बल्कि एक संकल्प है, जो हमें याद दिलाता है कि देश की एकता और अखंडता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरदार पटेल की दूरदर्शिता ने भारतीय समाज में एकता की जड़ें मजबूत की हैं, जिससे हम सभी को प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल सरदार पटेल की विरासत को सजीव रखती है और देशवासियों में एकता और अखंडता का संदेश देती है। ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ देश के सभी नागरिकों को यह याद दिलाता है कि भारत के गौरव को बनाए रखने और इसे एकजुट रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
Source- IANS
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