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UCC लागू होते ही पीएम मोदी चले उत्तराखंड ! होने जा रहा बड़ा ऐलान !

उत्तराखंड में UCC लागू हो गया है, ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। इस ऐलान के तुरंत बाद पीएम मोदी ने भी उत्तराखंड आने का ऐलान किया है। आखिर किस काम से उत्तराखंड आ रहे हैं पीएम मोदी चलिये इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं।

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उत्तराखंड में UCC लागू हो चुका है। UCC यानि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है। UCC उत्तराखंड 2024 को लागू करने वाले पोर्टल का शुभारंभ ख़ुद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया है। इसकी जानकारी देते हुए सीएम धामी ने X अकाउंट पर लिखा- समानता और समरसता के नये युग का आरंभ। मां गंगा की उद्गम स्थली देवभूमि उत्तराखंड से समानता की अविरल धारा प्रवाहित हो चुकी है। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता क़ानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।

UCC का मतलब साफ़ है किस भी नागरिकों के लिए एक ही क़ानून लागू होगा चाहे उनका धर्म जाति या जेंडर कुछ भी हो। एक तरफ़ प्रदेश में UCC लागू हुआ, चारों तरफ़ इसकी चर्चा होने लगी तो वहीं दूसरी तरफ़ ख़बर आई है कि लागू होने के कुछ घंटे बाद ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड जाने का फ़ैसला किया है। जी हां, ख़बर है कि पीएम मोदी मंगलवार शाम तक उत्तराखंड पहुंचेंगे और बड़ा ऐलान उनकी तरफ़ से किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक़ पीएम मोदी शाम 6 बजे उत्तराखंड के देहरादून पहुंचंगे। दरअसल वो देहरादून में राष्ट्रीय खेलों का उद्धाटन करेंगे। इसकी जानकारी ख़ुद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर देते हुए लिखा- कल का दिन ओडिशा के विकास और देश की खेल प्रतिभाओं को समर्पित रहेगा। भुवनेश्वर में सुबह करीब 11 बजे निवेश से जुड़े ‘उत्कर्ष ओडिशा-मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव’ में हिस्सा लूंगा। वहीं शाम करीब 6 बजे देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा।


पीएम मोदी के आगमन को लेकर उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है, ख़ुद सीएम धामी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- उत्तराखण्ड है तैयार। आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ हो रहा है जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है। देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि बनने का हमारा संकल्प निश्चित रूप से शिखर तक पहुंचेगा। आइये हम सभी इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान देने का संकल्प लें। सीएम धामी ने इस दौरान क्या कहा ?

खैर, अब UCC को आसान शब्दों में समझ लीजिये। 


शादी अब केवल उन्हीं पक्षों के बीच होगी, जिनमें से कोई भी पहले से शादीशुदा ना हो, पुरुष की न्यूनतम आयु 21 साल और महिला की 18 साल होनी चाहिये।

संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में सभी धर्मों के लिए एक जैसे नियम होंगे।

अधिनियम के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी होगा। नई शादी को 60 दिन के अंदर अंदर रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा।

वसीयत और उत्तराधिकार से जुड़े विवादों का निपटारा एक समान कानून के तहत होगा।

UCC वैसे तो हर उत्तराखंडवासी के लिए हैं लेकिन कुछ ख़ास श्रेणी जैसे अनुसूचित जनजाति और संरक्षित समुदायों को इसमें छूट दी गई है।
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