Advertisement
Loading Ad...
PM Modi ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 71,000 से अधिक कर्मियों को बांटा नियुक्ति पत्र
अंतरिक्ष से लेकर रक्षा तक, पर्यटन से लेकर वेलनेस तक, आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राष्ट्र में सच्चा विकास सुनिश्चित करने के लिए हमें 'युवा प्रतिभा' को निखारने की जरूरत है और यह जिम्मेदारी वास्तव में शिक्षा प्रणाली पर है। पहले पाबंदियों के कारण जो शिक्षा व्यवस्था छात्रों पर बोझ बन जाती थी, वो अब उन्हें नए विकल्प दे रही है।
Advertisement
Loading Ad...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'रोजगार मेला' के तहत सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 71,000 से अधिक कर्मियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, "आज आपके जीवन की नई शुरुआत हो रही है। आपकी वर्षों की मेहनत सफल हुई है। 2024 का ये साल आपको और आपके परिजनों को नई खुशियां देकर जा रहा है। मैं आप सभी को बधाई देता हूं। पिछले दस सालों से सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थाओं में सरकारी नौकरी देने का अभियान चल रहा है। आज भी 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। बीते डेढ़ साल में करीब दस लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। ये अपने आप में रिकॉर्ड है। आज भारत का युवा, नए आत्मविश्वास से भरा हुआ है। वो हर सेक्टर में अपना परचम लहरा रहा है। भारत के युवाओं की क्षमता और प्रतिभा का पूरा उपयोग हमारी सरकार की प्राथमिकता है।"
आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है: पीएम मोदी
उन्होंने आगे कहा कि अंतरिक्ष से लेकर रक्षा तक, पर्यटन से लेकर वेलनेस तक, आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राष्ट्र में सच्चा विकास सुनिश्चित करने के लिए हमें 'युवा प्रतिभा' को निखारने की जरूरत है और यह जिम्मेदारी वास्तव में शिक्षा प्रणाली पर है। पहले पाबंदियों के कारण जो शिक्षा व्यवस्था छात्रों पर बोझ बन जाती थी, वो अब उन्हें नए विकल्प दे रही है। अटल टिंकरिंग लैब्स और आधुनिक पीएम श्री स्कूलों के जरिए बचपन से ही इनोवेटिव माइंडसेट को गढ़ा जा रहा है। आज यहां हजारों बेटियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। आपकी सफलता दूसरी महिलाओं को प्रेरित करेगी। हमारा प्रयास है कि हर क्षेत्र में महिलाएं आत्मनिर्भर बनें।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाषा एक समय हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए शिक्षा में एक महत्वपूर्ण बाधा थी। हालांकि हमने इस अंतर को पाटने के लिए अपनी नीतियों में क्रांति ला दी है। आज छात्र 13 भाषाओं में से किसी एक में परीक्षा देना चुन सकते हैं। भारत ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। हमें इस संकल्प पर भरोसा है इस लक्ष्य की प्राप्ति का विश्वास है। आज भारत का युवा नए आत्मविश्वास से भरा हुआ है और वो हर सेक्टर में अपना परचम लहरा रहा है। आज हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं।
Input: IANS
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...