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क्वाड में हिस्सा लेने अमेरिका पहुंचे PM Modi, जाने सम्मेलन में क्या होगा?"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अमेरिका के लिए अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू की। यह यात्रा न केवल भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने का एक अवसर है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच द्विपक्षीय वार्ता से लेकर क्वाड शिखर सम्मेलन तक, इस यात्रा के कई पहलू हैं जो विश्व को प्रभावित कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया कि वे फिलाडेल्फिया में उतर गए हैं। उन्होंने बताया कि वे क्वाड शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और जो बाइडन से द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उनका कहना था कि "दिनभर की चर्चाएं दुनिया को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।" उनके आगमन पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसे मोदी ने सराहा और कहा, "भारतीय समुदाय ने अमेरिका में अपने कार्यों से एक सकारात्मक प्रभाव डाला है।"
आपको बता दें कि इस द्विपक्षीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। भारत अमेरिका से 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने का बहु-करोड़ डॉलर का सौदा भी इस बैठक का हिस्सा होगा। इसके अलावा, भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग की घोषणा भी की जा सकती है। इसके तहत ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अक्सियम-4 मिशन के हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करेंगे। द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें जो बाइडन, ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बेनीज और जापानी पीएम फुमियो किशिदा भी शामिल होंगे। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि इस सम्मेलन में चीन के बढ़ते प्रभाव और उसके द्वारा किए जा रहे असामान्य व्यापार प्रथाओं पर चर्चा की जाएगी।
क्वाड का महत्व क्या है?
क्वाड, जिसे 'क्वाड्रिलेटरल' के नाम से भी जाना जाता है, एक रणनीतिक साझेदारी है जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य एक स्वतंत्र, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित करना है। चीन की आक्रामकता के बीच, क्वाड का सहयोग इस क्षेत्र में समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। इस वर्ष के क्वाड नेताओं की बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, आधारभूत ढाँचा, कनेक्टिविटी और आतंकवाद निरोधक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन उन मुद्दों पर गहराई से विचार करेगा, जो न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और अमेरिका के संबंधों में एक नई दिशा का संकेत देती है। यह केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन वैश्विक चुनौतियों का सामना करने का भी एक मंच है, जो आज की दुनिया को प्रभावित कर रही हैं। जैसे-जैसे भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत होते हैं, यह दोनों देशों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का अवसर है।
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