Advertisement

Loading Ad...

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले PM मोदी का संबोधन, कहा- ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा

आज से संसद का मानसून सत्र 2025 शुरू हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की शुरुआत में कहा कि यह सत्र देश के लिए गौरवपूर्ण होगा. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे 22 मिनट में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त किया गया, जिससे मेड इन इंडिया सैन्य शक्ति की ताकत दुनिया ने देखी. पीएम ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा फहराने को ऐतिहासिक पल बताया.

Loading Ad...

संसद भवन में सोमवार से मानसूत्र सत्र की शुरुआत हुई. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा,"मानसून नवीनता और नवसृजन का प्रतीक है" और इसी के साथ यह स्पष्ट कर दिया कि यह सत्र महज औपचारिक चर्चा का नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक परिवर्तन का मंच बनने जा रहा है.

मानसून की मेहरबानी और अर्थव्यवस्था की मुस्कान

इस बार मौसम ने भी देश पर खास रहमत की है. प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले 10 वर्षों की तुलना में इस बार तीन गुना अधिक जल भंडारण हुआ है. इसका सीधा असर देश की कृषि व्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लाखों किसानों की जिंदगी पर पड़ेगा. यह केवल खेतों की हरियाली नहीं, बल्कि देश की आर्थिक नींव को और मजबूत करने वाला है. ऐसे समय में जब पूरी दुनिया महंगाई और जलवायु परिवर्तन की मार झेल रही है, भारत की फसलें मुस्कराने को तैयार हैं.

Loading Ad...

ऑपरेशन सिंदूर से भारतीय शक्ति का संदेश

Loading Ad...

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में सुरक्षा का विषय भी प्रमुख रहा. उन्होंने "ऑपरेशन सिंदूर" का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे भारतीय सेना ने केवल 22 मिनट में आतंकवादियों के मुख्य अड्डों को खत्म कर दिया. उन्होंने इसे "मेड इन इंडिया सैन्य शक्ति" का उदाहरण बताया और कहा कि आज दुनिया भारतीय रक्षा क्षमताओं की सराहना कर रही है. भारत अब न केवल अपने लिए सुरक्षा गढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर सैन्य निर्यात की एक नई शक्ति बनकर उभर रहा है.

तकनीक की ऊंचाई पर भारत

Loading Ad...

प्रधानमंत्री ने भारत के पहले तिरंगे को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर फहराने की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष का यह सफर हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है और यह विज्ञान और तकनीक की दिशा में भारत की सफल यात्रा को दर्शाता है. उन्होंने कहा, "पहली बार अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा लहराना, देश की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है."

नक्सलवाद की समाप्ति की ओर बढ़ते कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि कैसे देश के कई जिले अब "रेड ज़ोन" से बाहर आ चुके हैं और "ग्रीन ज़ोन" बनते जा रहे हैं. यह सिर्फ एक प्रशासनिक जीत नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की ताकत का प्रमाण है. बंदूक की जगह अब कलम और संविधान की आवाज़ बुलंद हो रही है, और यह आवाज़ देश के कोने-कोने तक गूंज रही है.

Loading Ad...

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर

प्रधानमंत्री ने आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी बात कही. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और आज वह तीसरे स्थान की ओर तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि देश अब "फ्रैजाइल फाइव" के क्लब से निकलकर वैश्विक नेतृत्व के दरवाजे पर खड़ा है. यह बदलाव कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक स्थिर नीति, दूरदर्शिता और जनभागीदारी का परिणाम है. डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति और वैश्विक निवेश का वातावरण मिलकर भारत को इस ऊंचाई तक पहुंचा रहे हैं.

देशहित में मन जरूर मिलना चाहिए

Loading Ad...

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में सभी दलों से आग्रह किया कि "दलहित में मत मिले, लेकिन देशहित में मन जरूर मिले." यह एक ऐसा आग्रह था जो राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति की बात करता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉनसून सत्र देश की प्रगति की दिशा में नए प्रस्तावों, नई नीतियों और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि प्रधानमंत्री के संबोधन में न केवल सरकार की उपलब्धियों की झलक थी, बल्कि भविष्य की स्पष्ट दिशा भी थी. चाहे वो किसानों की मुस्कान हो, सेना की ताकत, अंतरिक्ष में लहराता तिरंगा हो या देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था. अब देश की निगाहें इस सत्र में पारित होने वाले विधेयकों, चर्चाओं और निर्णयों पर होंगी. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...