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दिल्ली नहीं, अयोध्या-काशी समेत यूपी के कई शहरों को दहलाने के थे मंसूबे... गुजरात ATS ने किया बड़ी साजिश का पर्दाफाश

दिल्ली लाल किले के पास कार धमाके में 10 से अधिक मौतें और 20 से ज्यादा घायल हुए. जांच में पता चला कि लखनऊ भी निशाना था. गुजरात ATS ने तीन संदिग्ध गिरफ्तार किए. इनमें हैदराबाद के डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, लखीमपुर खीरी के मोहम्मद सुहेल सलीम खान और शामली के आजाद सुलेमान शेख. इनके कब्जे से हथियार, कारतूस और जैविक हथियार बनाने वाला कैस्टर ऑयल बरामद हुआ.

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देश की राजधानी दिल्ली सोमवार की शाम लाल किले के पास हुए कार धमाके के बाद अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं. इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला खड़ा किया. शुरुआती जांच में सामने आया कि धमाका किसी योजनाबद्ध साजिश का हिस्सा था, जिसके तार सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि उत्तर प्रदेश और गुजरात तक फैले हुए थे.

गुजरात ATS ने किया बड़ा खुलासा

गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) ने जांच के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है. ATS के मुताबिक, दिल्ली धमाके के बजाय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को निशाना बनाकर हमला किया जाना था. गिरफ्तारी के बाद यूपी ATS ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया. गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्ध अहमदाबाद के पास आदलज टोल प्लाजा के निकट एक संयुक्त ऑपरेशन में पकड़े गए. इनमें हैदराबाद के डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद, लखीमपुर खीरी (यूपी) के मोहम्मद सुहेल सलीम खान और शामली (यूपी) के आजाद सुलेमान शेख शामिल हैं. गिरफ्तारियों के समय इन संदिग्धों के पास दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और चार लीटर कैस्टर ऑयल बरामद किया गया, जिससे रिसिन जैसे जैविक हथियार बनाए जा सकते थे.

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लखनऊ समेत अन्य शहरों में की गई रेकी

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ATS के पूछताछ में सुहेल ने बताया कि समूह ने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी की थी. लखनऊ में विशेष रूप से धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक केंद्रों और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाया जाना था. इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक यह जानकारी भी सामने आई है कि इन आरोपियों के निशाने पर अयोध्या, काशी मथुरा और आगरा भी थे. सुहेल के अनुसार, यह साजिश किसी बड़े आतंकी संगठन के इशारे पर रची गई थी, जिसमें पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई का जिक्र भी शामिल था. डॉ. सैयद, जो चीन में मेडिकल एजुकेशन पूरी करने के बाद हैदराबाद लौटे थे, कथित तौर पर इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड थे. वे रिसिन जैसे जैविक जहर का इस्तेमाल हथियार के रूप में करने की तैयारी कर रहे थे. बाकी दोनों संदिग्धों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार मंगवाए और उन्हें सैयद तक पहुंचाया. ATS के अनुसार, ये लोग विदेशी संपर्कों से जुड़े थे और रेडिकल विचारधारा से प्रभावित थे.

यूपी ATS की सक्रियता

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साजिश का खुलासा होते ही यूपी ATS ने सुहेल के सहयोगियों की पहचान के लिए व्यापक जांच शुरू कर दी. लखनऊ के अलावा मथुरा, काशी समेत कई कई जिलों के पर्यटन वाले शहरों की सूची बनाई जा रही है. इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि ये संदिग्ध किस अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे. यूपी के डीजीपी के निर्देश पर राज्य की सभी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी गई और चप्पे-चप्पे पर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की निगरानी मजबूत कर दी गई है.

लेडी डॉक्टर और उसके भाई से पूछताछ में हुआ खुलासा 

फरीदाबाद से गिरफ्तार लखनऊ निवासी महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद और उनके भाई डॉ. परवेज शाहिद अंसारी से भी गहन पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये दोनों भी इसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. शाहीन को JeM की महिलाओं के विंग का भारत प्रमुख बताया जा रहा है, जो महिलाओं को रिक्रूट करती थी. फरीदाबाद पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया और जांच में उनके आतंकी संगठनों से लिंक का खुलासा हुआ. उन्हें बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस की कस्टडी में लिया गया.

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हथियारों को लेकर बड़ा खुलासा

लखनऊ में ATS की छापेमारी के दौरान शाहीन से जुड़े अभियुक्तों के कब्जे से AK-47 (या Krinkov असॉल्ट राइफल) के साथ 83 राउंड गोलियां, 3 मैगजीन, 1 पिस्टल के साथ 8 राउंड, 2 पिस्टल मैगजीन और 2 खाली खोखे बरामद किए गए. इसके साथ ही फरीदाबाद से 2,900 किलो विस्फोटक भी जब्त किया गया. इस खुलासे के बाद पुलिस ने तब्लीगी जमात के कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया, जिनके पास पहचान पत्र नहीं पाए गए.

कड़ियों को जोड़ते हुए जांच

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सहारनपुर से एक संदिग्ध पकड़ा गया, जिसके फ़ोन में 4,000 पाकिस्तानियों के संपर्क नंबर मिले. इसके बाद लखनऊ से डॉक्टर शाहीन पकड़ी गईं और गुजरात से तीन और संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई. यह पूरी जांच जैविक युद्ध और बड़े स्तर पर हमले की योजना को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई.

संदिग्ध संगठन का हाथ

ATS सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों के फोन और डिजिटल डिवाइस से विदेशी नंबर्स और एन्क्रिप्टेड मैसेज मिले हैं, जो ISKP या पाकिस्तान स्थित तत्वों से जुड़े हो सकते हैं. DIG जोशी ने कहा कि यह गिरफ्तारी न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और हमारी टीमें लगातार नेटवर्क को ट्रेस कर रही हैं.

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बताते चलें कि दिल्ली धमाके के बाद की यह जांच पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती है. कई राज्यों की ATS और पुलिस एजेंसियों की सक्रियता ने समय रहते बड़े हादसे को रोकने में मदद की है. इस जांच से स्पष्ट हो गया है कि आतंकवादी संगठन अब केवल स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से हमले की योजना बना रहे हैं. लगातार सतर्कता, साझा ऑपरेशन और मजबूत खुफिया निगरानी ही देश को ऐसे खतरे से सुरक्षित रख सकती है.

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