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राज ठाकरे और पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हाई कोर्ट में दर्ज हुई याचिका, हिंसा भड़काने को लेकर FIR की भी उठी मांग

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जहां उन पर हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने और भाषा के आधार पर घृणा फैलाने का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा याचिका में ठाकरे और उनकी पार्टी के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की गई है.

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महाराष्ट्र में भाषा के आधार पर हिंसा भड़काने के आरोप में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. बता दें कि पिछले कई दिनों से राज ठाकरे हिंदी भाषी राज्यों के लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं. वहीं यह मामला तब और गर्मा गया, जब बीजेपी सांसद ने राज ठाकरे को चैलेंज देते हुए कहा कि उन्हें पटक-पटक के मारेंगे, जिसके जवाब में मनसे प्रमुख ने कहा कि वह एक बार मुंबई आए उन्हें डुबो-डुबो कर मारेंगे. 

राज ठाकरे और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हाई कोर्ट में याचिका दायर

बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जहां उन पर हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने और भाषा के आधार पर घृणा फैलाने का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा इस याचिका में ठाकरे और उनकी पार्टी के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की गई है. इस याचिका को दायर करने वाले वकील का नाम घनश्याम उपाध्याय है. 

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राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को दी चेतावनी 

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इस बीच शुक्रवार को राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चेतावनी देते हुए कहा कि 'अगर कक्षा 1 से लेकर 5 तक हिंदी भाषा अनिवार्य की गई, तो वह स्कूल बंद कराने से हिचकिचाएंगे नहीं. राज ठाकरे ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के लोगों से सतर्क रहने और हिंदी थोपने की सरकार की किसी भी योजना को सफल नहीं होने देंगे.'

मनसे कार्यकर्ताओं ने की थी दुकानदार से मारपीट 

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हिंदी भाषा को लेकर चल रहे बवाल की शुरुआत सबसे पहले एक स्थानीय दुकानदार के साथ हुई मारपीट के बाद शुरू हुई, जहां मनसे के कार्यकर्ताओं ने दुकानदार से हिंदी भाषा ना बोलने पर मारपीट की थी. इसके अलावा राज्य सरकार ने हिंदी भाषा को 1 से 5 तक की कक्षा में तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने को लेकर आदेश पारित किया था, जिसका कड़ा विरोध देखने को मिला और उसके बाद राज्य सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया. 

राज ठाकरे ने हिंदी थोपने का आरोप लगाया

मनसे प्रमुख ने राज्य की सरकार पर स्कूलों में हिंदी भाषा को थोपने की बात कही. उन्होंने एक भाषण में कहा कि 'जब उन्होंने एक बार कोशिश की थी, तब हमने दुकानें बंद करा दी थीं. अब अगर हिंदी थोपी गई, तो हम स्कूल बंद कराने से नहीं हिचकिचाएंगे.' 

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क्या है डूबो-डुबोकर मारने वाला बयान? 

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हिंदी भाषा के विरोध में लगातार बयान देते नजर आ रहे राज ठाकरे ने कहा है कि 'हिंदी केवल 200 साल पुरानी है, जबकि मराठी का इतिहास 2500-3000 साल पुराना है, जब गुजरात में बिहार के प्रवासियों को पीटा गया और भगा दिया गया, तो यह कोई मुद्दा नहीं बना, लेकिन महाराष्ट्र में एक छोटी सी घटना राष्ट्रीय मुद्दा बन जाती है.' वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा 'पटक-पटक के मारेंगे' वाली टिप्पणी पर राज ठाकरे ने कहा कि 'वह मुंबई आए, हम उन्हें 'डुबो-डुबो के मारेंगे' इसके अलावा राज ठाकरे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्रवासियों को राज्य में हर जगह मराठी में बोलने पर जोर देना चाहिए और दूसरों को भी यह भाषा बोलने के लिए प्रेरित करना चाहिए.

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