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BJP दफ्तर में झाड़ू लगाने पर लोगों ने उड़ाया था मजाक, अब BJP ने दे दी बड़ी सौगात !

कौन हैं संजय मिश्रा जो कभी बीजेपी दफ्तर में लगाया करते थे झाड़ू और आज उन्हें बीजेपी ने जिलाध्यक्ष बनाकर दे दी बड़ी सौगात ?

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किसी भी पार्टी के लिए एक कार्यकर्ता की कितनी बड़ी अहमियत होती है, ये इसी बात से समझ सकते हैं के देश के प्रधानमंत्री जैसे बड़े पद पर बैठे होने के बावजूद नरेंद्र मोदी आज भी खुद को पार्टी का एक कार्यकर्ता ही मानते हैं। क्योंकि पीएम मोदी भी ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि जब तक कार्यकर्ता हैं, तभी तक किसी भी पार्टी का अस्तित्व होता है। यही वजह है कि बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान देने में कभी पीछे नहीं रहती। इसीलिये पहले एक चाय बेचने वाले को प्रधानमंत्री जैसे बड़े पद तक पहुंचाया, और अब बीजेपी दफ्तर में झाड़ू लगाने वाले एक कार्यकर्ता को बड़ा सम्मान दिया है।

दरअसल कुछ ही दिनों पहले बीजेपी ने यूपी के दस जिलों में नए जिलाध्यक्ष का ऐलान किया था, जिनमें एक नाम बलिया जिले का भी था। जहां से बीजेपी ने एक ऐसे नेता को जिलाध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है, जो कभी बलिया के बीजेपी दफ्तर में झाड़ू लगाया करते थे, तो कभी कार्यकर्ताओं के लिए कुर्सी लगाया करते थे। लेकिन समय ने ऐसी पल्टी मारी कि अब उसी दफ्तर में लगी सबसे ऊंची कुर्सी पर उन्हें बैठने का मौका मिलेगा।

तस्वीरों में नजर आ रहे ये नेता जी कोई और नहीं, संजय मिश्रा हैं, जो बचपन से बाल स्वयंसेवक के तौर पर RSS से जुड़े रहे, और संघ के साथ साथ बीजेपी के लिए भी किसी समर्पित कार्यकर्ता की तरह काम करते रहे, यहां तक कि बीजेपी दफ्तर खोलना हो, झाड़ू लगाना हो, या फिर नेताओं के लिए कुर्सियां लगानी हो, संजय मिश्रा ने ना कभी संकोच किया, और ना ही कभी शर्म की।

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संजय मिश्रा जब बीजेपी दफ्तर में झाड़ू लगाया करते थे तो लोग उनका मजाक भी उड़ाया करते थे, लेकिन इसके बावजूद संजय मिश्रा ने हार नहीं मानी, और अपने काम में लगे रहे, दफ्तर की साफ सफाई से लेकर पार्टी के प्रचार प्रसार का भी काम करते रहे, शायद यही वजह है कि पार्टी के प्रति उनके समर्पण भाव को देखते हुए बीजेपी ने आज उन्हें जिलाध्यक्ष जैसे बड़े पद से नवाजा...

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दफ्तर में झाड़ू लगाने से बीजेपी जिलाध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले संजय मिश्रा को परिवार से भी खूब डांट पड़ती थी, कई बार तो हालात ऐसे हो जाते थे कि पिता जी उनकी पिटाई भी कर देते थे, लेकिन इसके बावजूद संजय मिश्रा का बीजेपी से मोह नहीं छूटा, जिसका ईनाम भी बीजेपी उन्हें जिलाध्यक्ष बना कर दे दिया, अगर आज संजय मिश्रा के पिता जिंदा होते तो उन्हें भी अपने बेटे पर जरूर गर्व होता...

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संजय मिश्रा का सियासी सफर

  • संजय मिश्रा ने बाल स्वयंसेवक के रूप में अपनी यात्रा शुरू की
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बीजेपी तक का सफर तय किया
  • 1992 में संजय मिश्रा बजरंग दल के नगर संयोजक बनाए गये
  • 2005 में संजय मिश्रा को BJP शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया
  • ये प्रस्ताव तत्कालीन बीजेपी जिलाध्यक्ष ब्रजनारायण राय ने रखा
  • BJP में शामिल होने के बाद संजय मिश्रा कई अहम पदों पर रहे
  • BJP युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी भी रह चुके हैं
  • दो बार संजय मिश्रा बीजेपी जिला महामंत्री का पद संभाल चुके हैं

कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता संजय मिश्रा की बड़ी ताकत मानी जाती है, वो अक्सर कार्यकर्ताओं के बीच रह कर उनका मनोबल बढ़ाते रहे हैं, और खुद भी पार्टी से मिली हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया, संघ और बीजेपी में मजबूत पकड़ होने के नाते ही बीजेपी ने उन्हें बलिया जिलाध्यक्ष जैसा बड़ा पद सौंपा है, और पद मिलते ही संजय मिश्रा ने अपना लक्ष्य भी तय कर लिया है, आने वाले विधानसभा में वो बलिया की सभी सातों विधानसभा सीटों पर बीजेपी को जीत दिलाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, अब वो अपने इस मिशन में कितना कामयाब हो पाते हैं, ये तो फिलहाल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ही तय होगा, बहरहाल पार्टी दफ्तर में झाड़ू लगाने वाले कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने जो संदेश दिया है कि पार्टी में एक छोटा सा कार्यकर्ता भी बड़ा पद पा सकता है।

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