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Parliament Winter Session 2024: "ऐसा कर लीजिए सरकार आपकी बन जाएगी!", अमित शाह ने कांग्रेस को जीत के लिए दिए 3 मंत्र

लोकसभा संसद शीतकालीन सत्र के 17वें दिन गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी को जीत के लिए तीन मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ये तीन बातें मान ले। तो जनता उन्हें चुन लेगी।

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साल 2014 से ही केंद्र की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस पार्टी को गृह मंत्री अमित शाह ने जीत के लिए तीन मंत्र दिए हैं। अमित शाह ने संसद के शीतकालीन सत्र के 17वें दिन यह मंत्र दिया। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र में कांग्रेस को मिली करारी हार पर भी अपना बयान दिया और बताया कि कांग्रेस कमेटी को क्या करने की जरूरत है। अमित शाह ने कहा कि अगर कांग्रेस ये तीन बातें मान ले। तो जनता उन्हें चुन लेगी। 

अमित शाह ने कांग्रेस को जीत के लिए दिए 3 मंत्र 


संसद के शीतकालीन सत्र के 17वें दिन अमित शाह ने कहा कि, "मुझे पता चला कि कांग्रेस महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली हार के लिए कोई आत्म निरीक्षण करने वाली कमेटी बना रही है। मेरा मानना है कि कमेटी की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस ये तीन बातें मान ले। तो जनता उसे चुन लेगी। मेरा अच्छा खासा अनुभव है कि तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और परिवारवाद छोड़ दो। जनता तुम्हें खुद चुन लेगी। आपको कुछ करने की जरूरत नहीं। हम लोकतंत्र में हैं। तो हमें परिवारवाद की जरूरत नहीं है। यह पंथ निरपेक्ष राष्ट्र है। इसलिए तुष्टिकरण नहीं होना चाहिए। जनकल्याणकारी राज्य है। तो भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए।" 

कांग्रेस पार्टी संविधान का सम्मान क्यों नहीं करती? 


गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, "मुझे कई बार लगता है कि कांग्रेस पार्टी संविधान का सम्मान क्यों नहीं करती है ? मैंने जब ये तीन शब्द पढ़े। तो मुझे मालूम पड़ा कि अगर वो संविधान की भावनाओं का सम्मान करेंगे तो तुष्टीकरण, परिवारवाद और भ्रष्टाचार तीनों को छोड़ना पड़ेगा। इसके बिना इनका अस्तित्व ठीक ही नहीं है।" 

नरेंद्र मोदी कभी भी तुष्टिकरण को नहीं मानते 


अमित शाह ने यह भी कहा कि, "एक व्यक्ति गरीब घर से जन्म लेकर आता है। चाय बेचने वाला बेटा है। जिसके 7 पुश्तों में कोई भी राजनीति में न कोई आगे न कोई पीछे है। वह तुष्टीकरण को नहीं मानता। ऐसा आदमी जब साल 2014 में देश का प्रधानमंत्री बना। तो तुष्टीकरण, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को हमेशा के लिए साफ कर दिया।" 

मोहब्बत की दुकान कोई बेचने की चीज नहीं है - अमित शाह 


राहुल गांधी के मोहब्बत की दुकान को लेकर भी अमित शाह ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि "मैंने मोहब्बत की दुकान के बहुत नारे सुने हैं। मेरा उनको कहना है कि भैया मोहब्बत की दुकान कोई बेचने वाली और प्रचार करने वाली चीज नहीं है। मोहब्बत दिल में बसाने का जज्बा है। मोहब्बत दूसरों को महसूस करने का लम्हा है। अगर इतना समझ गए। तो कोई तकलीफ नहीं होगी। कांग्रेस पार्टी के "वन नेशन वन इलेक्शन" के विरोध को लेकर कहा कि "कांग्रेस एक देश एक चुनाव का विरोध करती है। तो उसका तर्क भी तो दे।"
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