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देशद्रोह वाले बयान पर बुरे फंसे पंडित धीरेंद्र शास्त्री, कोर्ट में 20 मई को लगानी होगी हाजिरी
Bageshwar Dham वाले Dheerendra Shastri अपने एक बयान को लेकर बुरी तरह फंस गए हैं. कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ नोटिस जारी कर उन्हें पेश होने का आदेश दिया है. मामला Maha Kumbh के दौरान की गई धीरेंद्र शास्त्री की एक टिप्पणी से जुड़ा है.
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, कथावाचक और पर्ची से भविष्य बताने वाले बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. उनके बयान विवादों का रूप भी ले लेते हैं. उन पर नफरती एजेंडों को बढ़ावा देने के भी आरोप लगते हैं, इनके प्रवचनों में भी इसकी झलक देखने को मिलती है. लेकिन अब इन प्रवचनों ने ही बाबा को फंसा दिया है. बाबा को अब कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा. धीरेंद्र शास्त्री पर कोर्ट की गाज महाकुंभ के दौरान दिए गए देशद्रोह वाले बयान के कारण गिरी है.
क्या था धीरेंद्र शास्त्री का बयान
13 जनवरी से 26 फरवरी तक दुनिया सबसे बड़े धार्मिक समागम की गवाह बनी. लेकिन इसी बीच 29 जनवरी को भगदड़ में 30 लोगों की जान चली गई. जिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि 'महाकुंभ में हर शख्स को आना चाहिए. जो नहीं आएगा वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा.' ऐसे में अब बाबा के इस बयान को भड़काऊ, नफरती होने के साथ-साथ असैंवधानिक भी माना गया है. उन्होंने ये भी कहा था कि 'महाकुंभ में लोग मरे नहीं है, उन्हें मोक्ष मिला है. निश्चित रूप से यह एक निंदनीय घटना हुई है, लेकिन एक बात बताएं. ये महाप्रयाग है. मौत तो सबकी आएगी, एक दिन सबको मरना है, लेकिन कोई गंगा के किनारे मरेगा, तो वो मरेगा नहीं, मोक्ष पाएगा. महाकुंभ में कोई मरा नहीं है. हां असमय चले गए हैं तो दुख है, लेकिन जाना सबको है.'
कोर्ट पहुंचा ‘देशद्रोह’ वाला बयान
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद लोगों ने उन्हें घेर लिया और मामला थाने पहुंच गया. अब कोर्ट ने धीरेंद्र शास्त्री को पेश होने के लिए नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री को 20 मई सुबह 11 बजे कोर्ट में पेश होना होगा. दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के खिलाफ मध्य प्रदेश के शहडोल के सीनियर एडवोकेट संदीप कुमार तिवारी ने सोहागपुर थाने में शिकायत दी थी. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर केस दर्ज करने की मांग की थी. लेकिन उनकी शिकायत का किसी ने संज्ञान नहीं लिया. जिसके बाद उनको जिला कोर्ट का रुख़ करना पड़ा. कोर्ट ने संदीप तिवारी की अपील स्वीकार करते हुए बाबा बागेश्वर को नोटिस जारी किया है. बता दें कि एडवोकेट संदीप तिवारी ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और उसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया. उनका कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान धर्मनिरपेक्षता के विरूद्ध है. इससे विभिन्न समुदायों में मतभेद की आशंका पैदा हुई. यह भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है. संदीप तिवारी ने सवाल उठाया कि, क्या सीमा पर तैनात सैनिक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी या अन्य कर्मचारी जो कुंभ में नहीं आ पाते उन्हें देशद्रोही कहा जा सकता है?
यह पहली बार नहीं है कि जब धीरेंद्र शास्त्री अपने बयानों को लेकर घेरे गए हैं. ये वही धीरेंद्र शास्त्री हैं जिन्होंने महाकुंभ भगदड़ में मारे गए लोगों की मौत पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी थी. बहरहाल अब उनकी ऐसी ही अजीबोगरीब और विवादित टिप्पणियां उन्हें महँगी पड़ गई और कोर्ट में उनकी पेशी की नौबत आ गई. अदालत मामले पर क्या संज्ञान लेती है, यह 20 मई के बाद ही साफ होगा.
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