Advertisement

Loading Ad...

पाक-तुर्की-सऊदी देखते रह गए! भारत ने 22 खाड़ी देशों को दिल्ली बुलाकर पलट दी मिडिल ईस्ट की बाजी, इस हफ्ते होनी है दूसरी बड़ी बैठक

India-Arab Meeting this weak: भारत इसी हफ्ते अरब देशों के विदेश मंत्रियों की दिल्ली में बैठक की मेजबानी करने जा रहा है. भारत के इस कदम को खाड़ी देशों में ‘मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा रहा है.

Loading Ad...

भारत की कूटनीतिक गतिविधियों में इस हफ्ते में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. इस हफ्ते अरब देशों के विदेश मंत्रियों के भारत दौरे पर पहुंचने की उम्मीद है. भारत सरकार 30–31 जनवरी को दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने जा रही है. इस बैठक में अरब लीग से जुड़े करीब 22 खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

‘इस्लामिक नाटो’ की चर्चा के बीच भारत ने खेला दांव

सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच ‘म्यूचुअल डिफेंस पैक्ट’ पर हस्ताक्षर हुआ था. इस एग्रीमेंट के तहत अगर दोनों देश में से किसी एक पर हमला होता है, तो ये दोनों पर माना जाएगा. फिर दोनों देश मिलकर उसका जवाब देंगे. इस पैक्ट में अब तुर्की के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है. और इसी को ‘इस्लामिक नाटो’ कहा जा रहा है. जिसमें सऊदी का पैसा, पाकिस्तान की न्यूक्लियर ताकत और तुर्की की सेना का जिक्र किया गया. वहीं, इस तमाम अटकलों के बीच अब भारत ने जो कूटनीति अपनाया हैं. उसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा रहा है.

Loading Ad...

राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग पर होगी चर्चा!

Loading Ad...

जब पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका का क्षेत्र गंभीर राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है, ऐसे समय में यह बैठक अहम है. इसमें भारत और अरब देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है.

भारत और खाड़ी देशों के बीच गहरे संबंध 

Loading Ad...

इसके अलावा गाजा संकट, इजरायल संघर्ष, लाल सागर में सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. भारत और अरब देशों के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके बीच ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी भारतीयों के लिहाज से भी गहरे संबंध हैं. खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और ये देश भारत की ऊर्जा जरूरतों के प्रमुख साझेदार हैं.

वैश्विक तनाव के बीच अरब देशों के साथ चर्चा भारत का ‘मास्टरस्ट्रोक’

मौजूदा वैश्विक हालात में भारत की भूमिका एक संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रही है. दुनिया के तमाम देश भारत को एक स्थिर, संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहे हैं. वैश्विक तनाव के बीच अरब देशों के साथ चर्चा भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है. भारत इस बैठक को सिर्फ औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि रणनीतिक संवाद के मंच के तौर पर देख रहा है. 

Loading Ad...

22 खाड़ी देशों के साथ बातचीत

बैठक के दौरान कुछ देशों के विदेश मंत्रियों की द्विपक्षीय मुलाकातें भी हो सकती हैं, जिनमें व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग बातचीत होने की संभावना है. इस बैठक में बहरीन, कतर, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, सूडान, फिलिस्तीन, सोमालिया, मॉरिटानिया, कोमोरोस और लीबिया समेत तमाम देशों के विदेश मंत्री शामिल हो सकते हैं. 

यह भी पढ़ें

 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...