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भारत की कार्रवाई से कांपा पाकिस्तान, शाहबाज शरीफ ने बुलाई आपात बैठक

कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया गया। सरकार ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए और उन्हें 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया। इसके अलावा, अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया गया और पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया गया। भारत की इन कड़ी कार्रवाइयों से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है

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22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. हमलावरों ने पर्यटकों को इस्लामिक कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया और न पढ़ पाने वालों को गोली मार दी. इस बर्बर हमले की जिम्मेदारी 'कश्मीर रेजिस्टेंस' नामक एक कम ज्ञात संगठन ने ली है, जिसे भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों से जुड़ा बताया है .

भारत का कड़ा रुख

हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई. इस बैठक में लिए गए निर्णयों में पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम शामिल हैं.
सिंधु जल संधि की निलंबन: भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस संधि के तहत भारत पश्चिमी नदियों (इंडस, झेलम, चिनाब) का पानी पाकिस्तान को देता था. अब यह आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे पाकिस्तान की कृषि और जल आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है .
राजनयिक संबंधों में कटौती: भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को घटा दिया है. पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित कर एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है. साथ ही, भारत ने इस्लामाबाद में अपने रक्षा सलाहकारों को भी वापस बुला लिया है 
वीजा और सीमा नियंत्रण: भारत ने पाकिस्तानियों के लिए सभी वीजा रद्द कर दिए हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है. साथ ही, अटारी-वाघा सीमा चौकी को भी बंद कर दिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच सीमित व्यापार और लोगों की आवाजाही पर रोक लग गई है.

भारत के रुख से पाकिस्तान में हड़कंप

भारत के इन कड़े कदमों के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें भारत के कदमों पर चर्चा की जाएगी. पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से चाहता है.

भारत सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह केवल शुरुआत है और आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. संभावित विकल्पों में पाकिस्तान को आतंक समर्थक राष्ट्र घोषित करना, सीमाई कार्रवाई या सर्जिकल स्ट्राइक शामिल हो सकते हैं.

पहलगाम आतंकी हमला भारत की सुरक्षा और संप्रभुता पर सीधा हमला है. सरकार ने इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. अब पूरा देश सरकार के अगले कदम की प्रतीक्षा कर रहा है, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक लड़ाई में एक नया अध्याय जोड़ सकता है.
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