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आक्रामक कूटनीति से पाकिस्तान की घेराबंदी... NSA अजीत डोभाल ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ से फोन पर की बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष डॉक्टर अली अकबर अहमदियान से फोन पर बात की. इस दौरान चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर के विकास पर जोर दिया. जो दोनों देशों के बीच ऐतिहसिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा.
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भारत और ईरान दो देशों की प्राचीन सभ्यताओं की दोस्ती एक बार फिर चर्चा में आ गई है. इसके पीछे की वजह यह है कि रविवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान के अपने समकक्ष डॉ अली अकबर अहमदियान के साथ फोन पर बात की है. इस बातचीत में कई अहम विषयों पर दोनों ने ज़ोर देते हुए सकारात्मक कदम बढ़ाने पर ज़ोर दिया है. इस बीच दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की बढ़ाते हुए दोस्ती की नई इबारत लिखने का वादा भी किया गया.
इस बातचीत की दौरान मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति और चाबहार बंदरगाह परियोजना को लेकर चर्चा हुई है. इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय उत्तर- दक्षिण परिवहन कॉरिडोर में सहयोग विस्तार के लिए भारत की रुचि भी अजीत डोभाल ने जाहिर की है. एनएसए अजीत डोभाल ने भारत की तरफ से ईरान के निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए आभार जताया. अली अकबर से बातचीत के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में हुए सैन्य कार्रवाई और तनाव पर भी बातचीत हुई.
पुराने रिश्तों को मिलेगी नई दिशा
भारत और ईरान के बीच दोस्ती काफी पुरानी है. अब इन दोनों देशों ने प्राचीन सभ्यता के गहरे संबंधों को आगे बढ़ने पर जोर दिया है. बातचीत के दौरान अजीत डोभाल ईरान के साथ भारत के द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई है. यह सहयोग क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इस बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा जोर चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन कॉरिडोर पर दिया गया. इस पूरी बातचीत की जानकारी ईरान के दूतावास में अपने सोशल मीडिया एक पर पोस्ट कर दी है. पोस्ट में लिखा कि "डॉ अली अकबर अहमदियान ने कहा है कि ईरान और भारत, दो प्राचीन सभ्यताओं के रूप में, गहरे संबंध, राजनीतिक और आर्थिक सहयोग की विशाल क्षमता साझा करते हैं. उन्होंने रणनीतिक परियोजनाओं को तेजी से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया और दोहराया की दूरी पक्षी सहयोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के व्यापक हितों की पूर्ति करता है."
क्या है चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट?
चाबहार बंदगाह जिससे भारत और ईरान मिलकर बना रहे हैं. यह ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में है. यह बंदरगाह से अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन कॉरिडोर के लेकर भी अजीत डोभाल ने जोर दिया. किसकी लंबाई 7200 किलोमीटर होगी. यह भारत को रूस और यूरोप से जोड़ेगा जिससे व्यापार और आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा मिलेगी.
बताते चलें कि भारत और ईरान के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है. जब आतंकवाद को लेकर भारत पूरी प्लानिंग के साथ दुनिया भर में पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी में है.
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