Advertisement

Loading Ad...

पाकिस्तान में 'पीरियड टैक्स' पर बवाल! 25 साल की मेहनूर ओमर ने सरकार को कोर्ट में घसीटा, जानें पूरा मामला

एक 25 साल की लड़की जो पीरियड्स जैसे मुद्दे पर सरकार से भिड़ गई. वो भी पाकिस्तान जैसे देश में... जहां महिलाओं के मुद्दों और उनके उनके अधिकारों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया जाता है. कौन हैं शहबाज शरीफ को कोर्ट में घसीटने वाली ये लड़की. जानिए

Loading Ad...

जिस देश में लड़कियों के रील बनाने पर भी सवाल उठ जाते हैं उस देश में अब एक लड़की ने पीरियड के टैबू को तोड़ने की कोशिश की है. बात हो रही है पाकिस्तान की. जहां पीरियड टैक्स को लेकर बवाल मच गया. एक लड़की ने पाकिस्तान की शहबाज सरकार को अदालत तक घसीट लिया है. 

आपने शायद ही कभी पीरियड टैक्स के बारे में सुना होगा, लेकिन पाकिस्तान में इसकी चर्चा खूब हो रही है. यहां एक 25 साल की लड़की मेहनूर ओमर ने कोर्ट का रुख किया है. मेहनूर की मांग है कि सरकार सैनिटरी पैड पर लगने वाले टैक्स को खत्म करे. साथ-साथ इसे देश की महिलाओं के लिए जरूरी सामान घोषित किया जाए. 

मेहनूर ने कोर्ट में क्या कहा? 

Loading Ad...

मेहनूर ओमर पेशे से वकील हैं और छोटी उम्र में ही ह्यूमन राइट्स के मुद्दों को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया था. मेहनूर के साथ वकील अहसान जहांगीर खान ने सितंबर में इस्लामाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. ये याचिका नहीं शहबाज सरकार के लिए एक चुनौती थी. साथ ही साथ सरकार को नींद से जगाने की कोशिश भी. ताकि, पाकिस्तान में महिलाओं तक हाइजीन प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ सके. इस मुकदमें को मेहनूर ओमर वर्सेज फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान कहा जाने लगा. 

Loading Ad...

सरकार पर अनदेखी का आरोप

मेहनूर ओमर के मुताबिक, इस मामले में पाकिस्तान सरकार के नेतृत्व वाली संस्थाएं नेशनल कमीशन ऑन द स्टेटस ऑफ विमेन (NCSW), नेशनल कमीशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (NCHR) मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू को रेस्पोंडेंट यानी उत्तरदाता बनाया गया है. ओमर ने कहा, यह PIL महिला ही नहीं पब्लिक हेल्थ इश्यू पर आधारित है, लेकिन जवाबदेह होने की बजाय सरकार ने इसे पूरी तरह अनदेखा किया. 

Loading Ad...

‘पीरियड टैक्स' से परेशान पाकिस्तान की महिलाएं 

मेहनूर ओमर ने अपनी याचिका में कहा कि, 'पीरियड टैक्स' महिलाओं और लड़कियों पर बहुत ज्‍यादा असर डालता है. पीरियड्स एक ऐसा प्रोसेस है जिस पर कोई कंट्रोल नहीं हो सकता है. ऐसे में सैनिटरी पैड जैसे बेहद जरूरी प्रोडक्ट पर टैक्स खत्म होना चाहिए. सैनिटरी पैड लग्जरी नहीं जरूरी सामान है. इस पर टैक्स का कोई मतलब नहीं है. यह बराबरी के हक को और कमजोर करता है. 

कौन हैं मेहनूर ओमर? 

Loading Ad...

25 साल की मेहनूर ओमर रावलपिंडी में पली-बढ़ी हैं. पेशे से वकील हैं और ह्यूमन राइट्स मामलों से जुड़ी हैं. पिता एक व्यापारी हैं और हाउस मेकर हैं. मेहनूर का कहना है कि, स्कूल के दिनों में पीरियड्स के दौरान उन्हें तब शर्म और घबराहट होती थी जब वह बैग से सैनिटरी पैड निकालकर छिपाते हुए टॉयलेट तक लेकर जाती थीं. जैसे मानों वह कोई अपराधी हों या कोई नशीला पदार्थ लेकर जा रही हों. स्कूल की टीचर भी पीरियड्स पर बात नहीं करने देती थीं. ऐसे में मेहनूर अब सैनिटरी पैड को देश की महिलाओं के लिए एक जरूरी सामना घोषित करने की मांग की है. 

मेहनूर कहती हैं कि, मिडिल क्लास परिवार ही जब सैनिटरी पैड के मुद्दों पर अपने घर की लड़कियों से मुखर नहीं है तो गरीब तक ये जरूरी सामान कैसे पहुंचेगा. यहां तक कि कुछ लोग इसे पैसे की बर्बादी मानते हैं. ऐसे में मेहनूर ने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हालांकि ओमर के लिए यह भी आसान नहीं था. उनके पैरेंट्स भी इसे लेकर घबराए हुए थे. उन्हें ये सरकार के खिलाफ जाने वाला फैसला लगा था. 

पाकिस्तान में सैनिटरी पैड पर कितना टैक्स लगता है? 

Loading Ad...

पाकिस्तान में एक पैकेट सैनिटरी पैड की कीमत करीब 134 रुपए है जो एक गरीब और निम्नतम मिडिल क्लास की आय के हिसाब से काफी ज्यादा है. क्योंकि पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति बेहद कम है. फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में 2023 की एक स्टडी के अनुसार, पाकिस्तान में आधी से ज्‍यादा पाकिस्तानी महिलाएं सैनिटरी पैड खरीदने में असमर्थ हैं. सेल्स टैक्स एक्ट 1990 के तहत पाकिस्तान में बनने वाले सैनिटरी पैड पर 18 परसेंट टैक्स लगता है. जबकि इम्पोर्टेड पैड पर 25 परसेंट का अतिरिक्त टैक्स लगता है. 

मेहनूर ओमर ने भारत और नेपाल का किया जिक्र 

मेहनूर ओमर ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जवाद हसन के सामने संविधान और बराबरी के अधिकार पर दलीलें दी. मेहनूर ने इस दौरान भारत और नेपाल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, यह महिलाओं के साथ भेदभाव करता है और उन्हें पाकिस्तानी संविधान के तहत बराबरी और सम्मान के अधिकारों से वंचित करता है.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

मेहनूर ने कहा, सैनिटरी प्रोडक्ट्स पर टैक्स लगाकर, सरकार महिलाओं को एक नेचुरल बायोलॉजिकल काम के लिए सजा दे रही है. याचिका में UK, भारत, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश जैसे दूसरे देशों में की गई ऐसी ही कोशिशों की ओर इशारा किया गया. बहरहाल मेहनूर ओमर जैसी पाकिस्तानी लड़कियां पीरियड्स पर तमाम टैबू (वर्जित) को खत्म करने और बराबरी के लिए पाकिस्तानी हुकूमत को भी चैलेंज करने से पीछे नहीं हट रही. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...