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Sambhal में विवादित मस्जिद के सामने पुलिस चौकी के लिए खोदी गई जमीन तो बौखला गये Owaisi !

Sambhal में जिस विवादित जामा मस्जिद के सामने कट्टरपंथियों ने मचाया था बवाल अब वहीं पर योगी सरकार ने पुलिस चौकी बनवाने का ऐलान किया तो देखिये बौखलाए ओवैसी क्या कह रहे हैं ?

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ये सड़क पर जलाई गईं गाड़ियां। ये सड़कों और सीढ़ियों पर पड़े ईंट पत्थर। और ये मौका ए वारदात से बरामद हुए पाकिस्तानी खोखे। ये निशानियां हैं उत्तर प्रदेश के उस संभल जिले की। जहां मस्जिद के नाम पर दंगाइयों ने सरेआम सड़कों पर हिंसा का नंगा नाच खेला।  कहीं सरेआम गाड़ियों को फूंक डाला। तो कहीं पुलिस पर भी जमकर पत्थर बरसाए। संभल के मुस्लिम बहुल इलाके में दंगाई इस तरह की हिमाकत को दोबारा अंजाम ना दे पाएं। इसीलिए योगी सरकार का एक तगड़ा आदेश आया। और ठीक मस्जिद के सामने पुलिस वालों ने जमीन खोद डाली।


भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में गूंजते मंत्रोच्चार के साथ शाही जामा मस्जिद के ठीक सामने खोदी जा रही इसी जमीन पर योगी सरकार पुलिस चौकी बनवाने जा रही है।जी हां आपने सही सुना। जामा मस्जिद के ठीक सामने पुलिस चौकी बनाई जा रही है। जिससे भविष्य में कोई दंगाई दोबारा हिंसा और आगजनी को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे कि इसी पुलिस चौकी में बाबा की पुलिस बैठी है। जो वक्त आने पर दंगाइयों का हिसाब करना भी अच्छी तरह से जानती है। और जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी अच्छी तरह से जानती है। इसलिये भी पुलिस चौकी बनाए जाने की खूब तारीफ की जा रही है।लेकिन सैकड़ों किलोमीटर दूर हैदराबाद में बैठे सांसद असदुद्दीन ओवैसी को अब योगी सरकार के इस फैसले से भी तकलीफ हो रही है।इसीलिये जामा मस्जिद के सामने बनाई जा रही पुलिस चौकी का भी विरोध करना शुरू कर दिया। और स्कूल अस्पताल बनाने की वकालत करते हुए कहने लगे।

"संभल की जामा मस्जिद के सामने पुलिस चौकी बनाई जा रही है, मुल्क के किसी भी कोने में चले जाइए, वहां की सरकार ना तो स्कूल खुलवाती है, ना अस्पताल, अगर कुछ बनाया जाता है तो वो है पुलिस चौकी और शराब खाने, सरकार के पास किसी और चीज के लिए पैसे नहीं होते, बस पुलिस चौकी और शराब खाने के लिए पैसे होते हैं, डेटा खुद ये कहता है कि मुसलमानों के इलाकों में सबसे कम सरकारी सुविधाएं फराहम की जाती हैं"

संभल में जामा मस्जिद के सामने योगी सरकार पुलिस चौकी बनवाने के लिए जैसे ही जमीन की खुदाई की। हिंदुओं को कभी 15 मिनट वाली धमकी की याद दिलाने वाले सांसद ओवैसी साहब इसी तरह से विरोध में उतर आए। और पुलिस चौकी के स्थान पर कोई अस्पताल या स्कूल खुलवाने की सलाह देने लगे। अब ओवैसी को ये कौन बताए कि जब मस्जिद सर्वे के विरोध के नाम पर कुछ कट्टरपंथी मुसलमान दंगे को अंजाम देंगे तो स्कूल काम नहीं आएंगे। पुलिस चौकी ही काम आएगी। इसीलिये योगी सरकार ने जामा मस्जिद के सामने पुलिस चौकी बनवाने का फैसला किया। जहां पुलिस वालों के साथ ही जवानों के रहने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मस्जिद के ठीक सामने पुलिस प्रशासन ने पुलिस चौकी बनवाने के लिए खुदाई शुरू की तो इसका खूब विरोध भी हुआ। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने खाली पड़ी जमीन को अपनी और वक्फ की बताने के लिए कागज भी पेश किया। लेकिन जमीन से जुड़ा कोई विवाद ना होने पर एएसपी ने पुलिस चौकी निर्माण के लिए नींव की खुदाई शुरू करवा दी। जिसका नामकरण भी हो गया है। इस नई पुलिस चौकी को सत्यव्रत पुलिस चौकी के नाम से जाना जाएगा। और ये नाम भी यूं ही नहीं दिया गया है। इस नाम के पीछे भी एक बड़ी वजह है। कहते हैं जिस जिले को लोग आज संभल के नाम से जानते हैं।  इसका नाम सतयुग में सत्यव्रत नगर था।यही वजह है कि पुलिस चौकी का नाम भी सत्यव्रत पुलिस चौकी रखा गया है। जो संकेत है कि भविष्य में योगी सरकार इलाहाबाद।  फैजाबाद। की तरह संभल का भी नाम बदल सकती है। यानि ये तो अभी ट्रेलर है। पूरी पिक्चर तो अभी लगता है बाकी है। वैसे विवादित मस्जिद के सामने योगी सरकार जिस तरह से पुलिस चौकी बनवा रही है।
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