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ऑपरेशन सिंदूर: PAK को तबाह करते-करते अचानक सीजफायर पर क्यों माना भारत, CDS अनिल चौहान ने किया खुलासा

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष के दौरान सीजफायर की खबर ने सबको चौंका दिया था. हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा था कि आखिर भारत युद्धविराम के लिए क्यों तैयार हो गया. अब 20 दिन बाद इस सवाल से पर्दा उठ गया है कि भारत क्यों युद्धविराम के लिए मान गया. इसको लेकर सीडीएस अनिल चौहान ने बड़ा खुलासा किया है.

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पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर जारी किया. इस बीच पाकिस्तान ने चीन और तुर्की के हथियारों के सहारे भारत पर हमले का प्रयास किया, लेकिन भारत की ताकत के आगे उसे महज तीन दिनों में घुटने टेकने पड़े और 10 मई की शाम सीजफायर का ऐलान हुआ, तब पूरा देश आश्चर्यचकित था कि भारत सीजफायर के लिए क्यों माना.

दरअसल, भारत की सेना ने पाकिस्तान के हमलों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर से लेकर उसके कई शहरों में सेना के एयरबेस को तबाह किया. सेना की इस जबरदस्त कारवाई ने हर भारतवासी के मन में सेना के प्रति और भारत की ताकत के प्रति विश्वास बढ़ा दिया. लोगों के मन में यह उम्मीद जगने लगी कि अब इसी बहाने पीओके को वापस ले लिया जाएगा. लेकिन इस बीच सीजफायर की खबर ने सबको निराश कर दिया. सीजफायर को लेकर अब 20 दिन बाद पूरे मामले से पर्दा उठ गया है. शनिवार को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने इसकी वजह बताई. उन्होंने कहा कि भारत की अपनी एक खास रणनीति है जिसके चलते हमने ऐसा कदम उठाया. 

सेना ने तीन दिन में पूरा किया था लक्ष्य 

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सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा हमारा जो भी लक्ष्य था, हमने महज तीन दिनों में हासिल कर लिया था. इस लिहाज से सैन्य कार्रवाई रोकना एक सही रणनीति का हिस्सा है. सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान और उसके अधिकृत कश्मीर के 9 आतंकी ठिकाने पूरो तरह तबाह हो गए. इसमें 100 से अधिक आतंकियों की मौत हुई. इनमें जैश-ए-मोहम्मद का नेता अब्दुल रऊफ अजहर भी शामिल था. भारतीय सेना ने सटीक हमले किए. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा प्रणाली को भी नुकसान पहुंचाया. स्कर्दू, जैकबाबाद, सरगोधा और भोलारी जैसे हवाई ठिकानों को तबाह किया गया. जिससे पाकिस्तान और उसकी सेना खलबली मच गई. 

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भारत के जवाब से थर्राया पाकिस्तान 
भारत ने जब पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमला किया तो, आतंकियों की मौत का दर्द पाकिस्तान की सरकार को ऐसा हुआ कि उसने भारत के कई शहरों पर 7 से 10 मई के बीच ड्रोन और मिसाइल से हमला किया जो नाकाम रहा, इसके अलावा एलओसी पर भी गोलीबारी की. जिसमें 15 आम नागरिक की मौत और सेना का एक जवाब शहीद हुआ. लेकिन भारत की कार्रवाई लगातार जारी. इस बीच 10 मई की सुबह भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइलों से हमले किए. इसमें नूर खान-चकलाला हवाई अड्डे को तबाह कर दिया गया. यह अड्डा रावलपिंडी में है. बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सेना के जवान भी मारे गए. इसके बाद पाकिस्तान को यह बात समझ आ गई कि युद्धविराम की गुहार लगाना ही पड़ेगा नहीं तो, भारत उसे दुनिया के नक़्शे से मिटा देगा. सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में कहा कि भारत ने इस ऑपरेशन में पूरी स्पष्टता और स्वायत्तता के साथ काम किया है. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद से लंबी रणनीति बनाई. उस दौर में पाकिस्तान भारत से हर क्षेत्र में आगे था. लेकिन आज भारत आर्थिक, सामाजिक और मानव विकास में पाकिस्तान से कहीं आगे खड़ा है. 

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मोदी सरकार ने रिश्ते सुधारने का किया था प्रयास 
सीडीएस ने आगे कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के कई प्रयास किए थे. अपने पहले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवाज शरीफ को बुलाया था. लेकिन पाकिस्तान की तरफ से सिर्फ नफरत और दुश्मनी मिली. इसलिए अब उसके साथ दूरी बनाकर रखना ही सरकार की सही रणनीति है. भारत-पाक सीमा पर भले ही सीजफायर लागू है लेकिन भारत पूरी तरह से सतर्क है. अगर पाकिस्तान की तरफ से कोई हिमाकत होती है तो उसका माकूल जवाब भारत की सेना देगी. 

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